World Bank के चीफ इकोनॉमिस्ट Indermit Gill ने एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान में युद्ध होता है, तो दुनिया भर में करोड़ों लोग भूख की समस्या से जूझ सकते हैं। अभी लगभग 300 मिलियन लोग खाने की भारी किल्लत झेल रहे हैं, जो बहुत जल्द 20% तक बढ़ सकती है।

खाने-पीने का सामान महंगा होने का क्या कारण है?

Indermit Gill ने बताया कि Strait of Hormuz एक बहुत जरूरी रास्ता है जहाँ से तेल की सप्लाई होती है। अगर यह रास्ता बंद हुआ, तो खाद यानी fertilizer बनाने का खर्च बढ़ जाएगा क्योंकि इसे बनाने में तेल का इस्तेमाल होता है। जब खाद महंगी होगी, तो कई देश अपना अनाज बाहर भेजना बंद कर सकते हैं और उसे जमा करने लगेंगे। इससे बाजार में अनाज की कमी होगी और कीमतें काफी बढ़ जाएंगी।

आम आदमी और महंगाई पर क्या असर पड़ेगा?

कम आमदनी वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल होगी क्योंकि वे अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खाने और ईंधन पर खर्च करते हैं। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, अगर यह युद्ध अगस्त तक चलता है, तो दुनिया में महंगाई दर 3% से बढ़कर 4.7% तक पहुँच सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर अभी Asia में महसूस किया जा रहा है, लेकिन जल्द ही यह Africa तक फैल सकता है। IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर Kristalina Georgieva ने भी तेल की बढ़ती कीमतों से खाने-पीने के सामान महंगा होने का डर जताया है।

ईरान विवाद और शांति की कोशिशें

  • अमेरिका पाकिस्तान में ईरान के साथ दोबारा शांति वार्ता शुरू करने को लेकर उम्मीद जता रहा है।
  • इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि वे अमेरिका के साथ मिलकर ईरान को रोकने की कोशिश करेंगे।
  • उनका लक्ष्य ईरान के परमाणु सामान को खत्म करना और Strait of Hormuz को फिर से खोलना है ताकि सप्लाई चेन ठीक हो सके।
  • खाद फैक्ट्रियों पर हमलों की वजह से पहले ही अनाज की सप्लाई में दिक्कतें आनी शुरू हो गई हैं।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.