विश्व बैंक (World Bank) ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर गहरी चिंता जताई है। बैंक के अधिकारियों का कहना है कि इस जंग की वजह से दुनिया भर में महंगाई बढ़ सकती है और लोगों की नौकरियां जा सकती हैं। इसके साथ ही खाने-पीने की चीजों की किल्लत होने का भी डर है। विश्व बैंक अब अपने सदस्य देशों के साथ मिलकर इस संकट से निपटने के रास्तों पर चर्चा कर रहा है।

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दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर क्या पड़ेगा असर?

विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर Paschal Donohoe ने बताया है कि एशिया और अफ्रीका के देशों पर इस युद्ध का सबसे बुरा असर पड़ सकता है। तेल, गैस और खाद की कीमतें बढ़ने से आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ेगा। आईएमएफ (IMF) ने भी चेतावनी दी है कि अगर यह संकट बना रहता है, तो खाने-पीने की चीजों के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। ग्लोबल शेयर बाजारों में भी इस अनिश्चितता की वजह से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

  • युद्ध से तेल और गैस की सप्लाई में इतिहास की सबसे बड़ी रुकावट आई है।
  • खाद महंगी होने से खेती और अनाज के दामों पर सीधा असर पड़ेगा।
  • पर्यटन और वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह से प्रभावित हुई है।
  • अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई है।

डोनाल्ड ट्रंप और ईरान ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह युद्ध दो या तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की परमाणु ताकत को रोकने का लक्ष्य पूरा हो गया है और अमेरिकी सेना जल्द ही वहां से वापस आ जाएगी। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ किया है कि वे केवल युद्ध विराम नहीं बल्कि युद्ध का पूर्ण अंत चाहते हैं। ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी औपचारिक बातचीत से इनकार किया है और हमलों का जवाब देने की बात कही है।

संस्था/देश मुख्य जानकारी
UNDP रिपोर्ट एक महीने के युद्ध से अरब देशों को 194 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।
World Bank एशिया और अफ्रीका के देशों पर ऊर्जा संकट का सबसे ज्यादा खतरा है।
Donald Trump युद्ध जल्द खत्म होने और Strait of Hormuz खोलने की उम्मीद जताई।
WHO तेहरान में हमलों से स्वास्थ्य सेवाओं और ऑफिसों को नुकसान हुआ है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.