World Bank ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। Middle East में चल रहे तनाव की वजह से आने वाले समय में तेल, गैस और बिजली जैसी एनर्जी की कीमतें बहुत बढ़ सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 तक इन कीमतों में 24 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है, जो 2022 में रूस और यूक्रेन युद्ध के बाद सबसे ज्यादा होगा। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब और दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

एनर्जी की कीमतें बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?

World Bank की Commodity Markets Outlook रिपोर्ट के अनुसार, Middle East में जारी संघर्ष इसकी सबसे बड़ी वजह है। खास तौर पर Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर असर पड़ा है, जहाँ से दुनिया का करीब 35 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है।

  • तनाव की वजह से तेल की सप्लाई में करीब 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन की कमी आई है।
  • World Bank ने अनुमान लगाया है कि 2026 में Brent crude तेल की औसत कीमत 86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच सकती है।
  • अगर हालात और बिगड़े, तो यह कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल तक भी जा सकती है।

आम लोगों और विकासशील देशों पर क्या असर होगा?

World Bank Group के मुख्य अर्थशास्त्री Indermit Gill ने बताया कि यह युद्ध दुनिया की अर्थव्यवस्था पर लहरों की तरह असर डालेगा। पहले एनर्जी महंगी होगी, फिर खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ेंगे और आखिर में महंगाई बढ़ेगी। इससे ब्याज दरें बढ़ेंगी और कर्ज लेना और भी महंगा हो जाएगा।

इसका सबसे बुरा असर गरीब आबादी और उन विकासशील देशों पर पड़ेगा जिन पर पहले से ही बहुत कर्ज है। एनर्जी के साथ-साथ खेती की लागत भी बढ़ेगी, जिससे खाद्य सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है।

Gulf देशों और अर्थव्यवस्था के लिए क्या है चेतावनी?

एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि Middle East के देशों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। खासकर Kuwait और Qatar जैसे देश, जिनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह तेल पर टिकी है, वहां विकास दर में गिरावट आ सकती है। World Bank के उपाध्यक्ष Ousmane Dione ने कहा है कि इन देशों को अब अपनी अर्थव्यवस्था में सुधार करने की जरूरत है ताकि वे भविष्य के ऐसे संकटों का सामना कर सकें।

विवरण अनुमानित डेटा (2026)
एनर्जी कीमतों में वृद्धि 24%
Brent Crude (औसत कीमत) $86 प्रति बैरल
Brent Crude (अधिकतम कीमत) $115 प्रति बैरल
खाद (Fertilizer) कीमतों में उछाल 31%
यूरिया (Urea) की कीमतों में वृद्धि 60%
विकासशील देशों में महंगाई 5.1%
तेल सप्लाई में शुरुआती कमी 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन

Frequently Asked Questions (FAQs)

World Bank के अनुसार 2026 में तेल की कीमतें कितनी बढ़ सकती हैं?

World Bank का अनुमान है कि Brent crude तेल की औसत कीमत 86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच सकती है और गंभीर स्थिति में यह 115 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है।

इस महंगाई का असर खाने-पीने की चीजों पर कैसे पड़ेगा?

एनर्जी की कीमतें बढ़ने से खाद (Fertilizer) के दाम 31% और यूरिया के दाम 60% तक बढ़ सकते हैं, जिससे खेती महंगी होगी और खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ेंगी।