मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब पूरी दुनिया की जेब पर दिखने वाला है। World Bank ने चेतावनी दी है कि इस साल ऊर्जा की कीमतें 24 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। तेल और गैस के दाम बढ़ने से न केवल ट्रांसपोर्ट महंगा होगा, बल्कि खाने-पीने की चीजों के दाम भी ऊपर जा सकते हैं, जिससे आम लोगों का बजट बिगड़ सकता है।

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तेल और गैस की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी होगी?

World Bank की ‘Commodity Markets Outlook’ रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट के युद्ध की वजह से ग्लोबल एनर्जी प्राइसेस में 24% की उछाल आ सकती है। सबसे बड़ी समस्या Strait of Hormuz में शिपिंग रुकावटों से हुई है, जहाँ से दुनिया का करीब 35% कच्चा तेल गुजरता है। इस रुकावट की वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई करीब 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन कम हुई है।

Brent Crude के दाम 2025 में औसत 69 डॉलर प्रति बैरल थे, जो 2026 में बढ़कर 86 डॉलर तक जा सकते हैं। अगर हालात और खराब हुए और तेल सुविधाओं को नुकसान पहुँचा, तो यह दाम 115 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुँच सकते हैं। इसके अलावा, सुरक्षित निवेश के चक्कर में कीमती धातुओं (Precious Metals) के दाम भी 42% तक बढ़ने का अनुमान है।

महंगाई और खाने-पीने की चीजों पर क्या असर पड़ेगा?

World Bank के चीफ इकोनॉमिस्ट Indermit Gill ने बताया कि युद्ध का असर लहरों की तरह आता है। पहले ऊर्जा की कीमतें बढ़ती हैं, फिर भोजन महंगा होता है और अंत में महंगाई बढ़ती है, जिससे ब्याज दरें भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने इसे ‘विकास का उल्टा चलना’ कहा है क्योंकि इससे नौकरियों और तरक्की पर बुरा असर पड़ता है।

खाद (Fertilizer) की कीमतों में 31% की बढ़ोतरी का अनुमान है, जिसमें यूरिया के दाम 60% तक बढ़ सकते हैं। इससे किसानों की लागत बढ़ेगी और फसल की पैदावार कम हो सकती है। World Food Programme ने चेतावनी दी है कि इस स्थिति के कारण करीब 45 मिलियन लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर सकते हैं। विकासशील देशों में महंगाई बढ़कर 5.1% तक पहुँच सकती है।

आइटम (Item) 2026 का अनुमान असर/विवरण
ऊर्जा कीमतें (Energy Prices) 24% बढ़ोतरी 2022 के बाद सबसे उच्चतम स्तर
कुल कमोडिटी कीमतें 16% बढ़ोतरी ऊर्जा और खाद के कारण
Brent Crude (औसत) $86 प्रति बैरल 2025 में $69 था
खाद की कीमतें 31% बढ़ोतरी यूरिया के दाम 60% बढ़े
कीमती धातुएं 42% बढ़ोतरी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण
विकासशील देशों में महंगाई 5.1% पहले के अनुमान से 1% ज़्यादा
विकास की दर (Growth) 3.6% रफ्तार धीमी होने की उम्मीद

Frequently Asked Questions (FAQs)

तेल की कीमतें अचानक क्यों बढ़ रही हैं?

मिडिल ईस्ट में युद्ध और Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में शिपिंग रुकावट के कारण तेल की सप्लाई कम हुई है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं।

क्या इससे खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ेंगे?

हाँ, क्योंकि खाद (Fertilizer) की कीमतें 31% तक बढ़ने का अनुमान है, जिससे खेती महंगी होगी और भोजन की कीमतों में बढ़ोतरी होगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com