दुनिया के लिए आज का दिन बहुत अजीब है. एक तरफ जहां 2026 वर्ल्ड कप की शुरुआत से खेल प्रेमी खुश हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा मंडरा रहा है. डोनाल्ड ट्रम्प की ताज़ा चेतावनी ने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है.
2026 वर्ल्ड कप की धमाकेदार शुरुआत
वर्ल्ड कप 2026 की आधिकारिक शुरुआत गुरुवार, 11 जून 2026 को हुई. यह टूर्नामेंट 19 जुलाई 2026 तक चलेगा. इस बार इतिहास में पहली बार तीन देश- कनाडा, मैक्सिको और अमेरिका मिलकर इसकी मेजबानी कर रहे हैं. इस टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं और 16 शहरों में कुल 104 मैच खेले जाएंगे.
- मैक्सिको सिटी के एस्टाडियो अज़्टेका में पहला उद्घाटन समारोह हुआ और पहला मैच मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया.
- ओपनिंग सेरेमनी में शकीरा और बर्ना बॉय जैसे बड़े कलाकारों ने परफॉर्म किया.
- कनाडा और अमेरिका में भी 12 जून को अलग-अलग उद्घाटन समारोह होंगे, जिनमें केटी पेरी और माइकल बुबले जैसे कलाकार नजर आएंगे.
- फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कहा कि फुटबॉल की लोकप्रियता रिकॉर्ड तोड़ रही है और यह दुनिया को जोड़ने का काम करता है.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव
खेलों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को बहुत कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि वे ईरान पर जोरदार हमला करेंगे और उसके तेल और गैस बाजारों, खासकर खार्ग आइलैंड पर कब्जा कर लेंगे. अमेरिका ने ईरान के सैन्य निगरानी सिस्टम, कम्युनिकेशन सिस्टम और एयर डिफेंस साइट्स पर हवाई हमले किए हैं.
जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. हालांकि, इनमें से ज्यादातर को बीच में ही रोक लिया गया. ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद अब युद्धविराम का कोई मतलब नहीं रह गया है.
भारतीय नाविकों की मौत और गल्फ देशों का असर
इस तनाव का असर ओमान की खाड़ी में भी दिखा. अमेरिका ने उन कमर्शियल जहाजों पर हमला किया जो ईरान के लिए तेल ले जा रहे थे. इस हमले में कुछ भारतीय नाविकों की जान चली गई, जिसके बाद भारत सरकार ने कड़ा विरोध जताया है. सऊदी अरब ने भी ईरान के हमलों की निंदा की है और मामले को शांत करने की अपील की है.
फिलहाल कतर और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दो महीने से चल रहा युद्धविराम अब खत्म होता दिख रहा है. ईरान की शर्त है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण रखेगा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाए जाएंगे तभी कोई डील होगी.
