World Energy Crisis: ईरान, अमेरिका और इजरायल के संघर्ष से दुनिया में सबसे बड़ा तेल संकट, IEA प्रमुख ने दी चेतावनी

दुनिया में तेल और गैस के दाम लेकर बड़ी टेंशन बढ़ गई है। International Energy Agency (IEA) के प्रमुख Fatih Birol ने कहा है कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रही लड़ाई ने इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है। रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से पहले ही हालात खराब थे, लेकिन अब यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है।

दुनिया के लिए यह संकट कितना बड़ा है?

IEA प्रमुख ने बताया कि मौजूदा हालात 1973, 1979 और 2022 के संकटों से भी ज़्यादा खराब हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस वजह से महंगाई बहुत ज़्यादा बढ़ सकती है और दुनिया भर में विकास की रफ़्तार धीमी हो सकती है। इसका सबसे बुरा असर उन देशों पर पड़ेगा जो अभी विकसित हो रहे हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल की सप्लाई पर असर

ईरान ने युद्ध की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया था। इससे दुनिया के कुल तेल और गैस प्रवाह का पांचवां हिस्सा रुक गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस रास्ते के बंद होने से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करने में करीब दो साल का समय लग सकता है।

संकट से निपटने के लिए उठाए गए कदम

बढ़ते दामों को रोकने के लिए IEA और अन्य बड़ी संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं। तेल की कमी को पूरा करने के लिए रिकॉर्ड मात्रा में तेल भंडार से तेल निकाला गया है। साथ ही, सरकारों को ऊर्जा बचाने के लिए नए तरीके अपनाने की सलाह दी गई है।

तारीख/समय मुख्य घटना/जानकारी
मार्च 2026 तेल कीमतों को रोकने के लिए IEA ने 400 मिलियन बैरल तेल जारी किया, जिसमें अमेरिका का हिस्सा 172 मिलियन बैरल था।
7 अप्रैल, 2026 IEA, IMF और विश्व बैंक के प्रमुख ऊर्जा संकट पर चर्चा के लिए मिले।
14 अप्रैल, 2026 IEA ने ‘ऊर्जा संकट नीति प्रतिक्रिया ट्रैकर’ लॉन्च किया ताकि सरकारों के उपायों पर नज़र रखी जा सके।
20 अप्रैल, 2026 रिपोर्ट आई कि मध्य पूर्व में खोए हुए ऊर्जा उत्पादन को ठीक होने में दो साल लगेंगे।
21 अप्रैल, 2026 Fatih Birol ने फ्रांस इंटर रेडियो को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य की अस्थिरता सबसे बड़ा जोखिम है।
21 अप्रैल, 2026 होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को फर्जी ट्रांजिट ऑफर वाले स्कैम मैसेज मिले।