World Energy Crisis: ईरान युद्ध से दुनिया में आया अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट, IEA ने दी चेतावनी

International Energy Agency (IEA) ने दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी जारी की है। एजेंसी के मुताबिक ईरान में चल रहे युद्ध की वजह से दुनिया अब तक के सबसे बड़े ऊर्जा संकट से गुजर रही है। यह संकट इतना गहरा है कि इसे इतिहास का सबसे गंभीर दौर बताया जा रहा है।

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IEA ने ऊर्जा संकट को लेकर क्या बड़ी बातें बताईं?

IEA के डायरेक्टर Fatih Birol ने फ्रांस इंटर रेडियो को दिए इंटरव्यू में कहा कि दुनिया इतिहास के सबसे बुरे ऊर्जा संकट का सामना कर रही है। उन्होंने बताया कि यह स्थिति साल 1973, 1979 और 2022 के संकटों के कुल असर से भी ज्यादा खराब है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की वजह से यूरोप में गैस की सप्लाई पहले ही कम हो चुकी थी, जिसने इस मौजूदा मुश्किल को और बढ़ा दिया। बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए IEA ने मार्च 2026 में अपने रणनीतिक भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल निकालने का फैसला किया था।

Strait of Hormuz में तनाव और जहाजों की जब्ती का क्या असर है?

22 अप्रैल 2026 को ईरान ने Strait of Hormuz में दो कंटेनर जहाजों को पकड़ लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शांति प्रस्ताव के लिए युद्धविराम की समय सीमा बढ़ाई थी। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने साफ किया है कि इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा उनके लिए ‘रेड लाइन’ है। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए यहाँ किसी भी तरह की रुकावट पूरी दुनिया में ईंधन की किल्लत और महंगाई बढ़ा सकती है।

अमेरिका और अन्य देशों के साथ क्या विवाद चल रहा है?

अमेरिका ने 12 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी कर दी थी, जिसकी वजह से अब तक कम से कम 28 जहाजों को वापस लौटना पड़ा। वहीं दूसरी तरफ, लेबनान और इसराइल के बीच भी तनाव बना हुआ है और दोनों ही एक-दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। ईरान के अंदर भी सत्ता को लेकर आपसी खींचतान चल रही है, जिसकी वजह से शांति बातचीत के लिए कोई एक ठोस प्रस्ताव सामने नहीं आ पा रहा है।