World Energy Crisis: ईरान युद्ध से दुनिया में मचेगा हाहाकार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से महंगी होगी पेट्रोल और बिजली
International Energy Agency (IEA) ने दुनिया को बहुत बड़ी चेतावनी दी है. ईरान में चल रहे युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की वजह से दुनिया अब तक के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रही है. इसका सीधा असर आम आदमी की जेब और रोज़मर्रा की ज़रूरतों पर पड़ने वाला है.
आखिर क्या है पूरा मामला और IEA ने क्या कहा?
IEA के कार्यकारी निदेशक Fatih Birol ने बताया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल और गैस की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई है. उन्होंने कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट है. इस समस्या को हल करने का इकलौता रास्ता इस जलमार्ग को फिर से खोलना है. अमेरिका ने भी यहाँ नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं.
आम जनता और यात्रियों पर क्या होगा असर?
इस संकट के कारण पूरी दुनिया में पेट्रोल, गैस और बिजली की कीमतें काफी बढ़ जाएंगी. यूरोप के लिए हालात ज़्यादा चिंताजनक हैं क्योंकि वहां जेट फ्यूल का स्टॉक अब केवल 6 हफ्ते का बचा है. अगर तेल की सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में कई फ्लाइट्स रद्द हो सकती हैं, जिससे हवाई यात्रा करने वालों को भारी परेशानी होगी.
किन देशों पर सबसे ज़्यादा असर पड़ेगा?
एशियाई देश इस संकट की सीधी मार झेल रहे हैं. भारत, चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, जापान और दक्षिण कोरिया इस समय सबसे ज़्यादा खतरे वाले देशों की लिस्ट में हैं. मिडिल ईस्ट में अब तक 80 से ज़्यादा तेल और गैस सुविधाओं को नुकसान पहुँचा है, जिसकी वजह से रोज़ाना लाखों बैरल तेल की सप्लाई कम हो गई है.
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| आपातकालीन तेल भंडार | 400 मिलियन बैरल जारी किए गए |
| क्षतिग्रस्त प्लांट | 80 से ज़्यादा तेल और गैस सुविधाएं |
| यूरोप का जेट फ्यूल स्टॉक | लगभग 6 हफ्ते का बचा है |
| सबसे ज़्यादा प्रभावित देश | भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश |