Energy Crisis: दुनिया पर आया सबसे बड़ा खतरा, IEA चीफ बोले तेल की सप्लाई रुकी, अब परमाणु ऊर्जा का होगा इस्तेमाल
दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। IEA के चीफ Fatih Birol ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ चल रहे विवाद और Strait of Hormuz के बंद होने से दुनिया अब तक के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रही है। इस तनाव की वजह से तेल की कीमतों और सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है जिससे आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ सकता है।
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तेल की सप्लाई में कितनी कमी आई है और क्या है वजह?
ईरान विवाद की वजह से हर दिन करीब 13 मिलियन बैरल तेल का नुकसान हो रहा है। Strait of Hormuz, जहाँ से दुनिया का करीब 20% तेल और गैस गुजरता है, फिलहाल बंद है। अमेरिका और ईरान दोनों की वजह से यहाँ ‘डबल-ब्लॉकेड’ स्थिति बनी हुई है। IEA के मुताबिक, यह संकट 1973, 1979 और 2022 के झटकों से भी ज्यादा गंभीर है। अगर यह रास्ता अभी खुल भी जाता है, तो बाजार को वापस स्थिर होने में कम से कम दो साल का समय लगेगा।
संकट से बचने के लिए क्या उपाय बताए गए हैं?
Fatih Birol ने साफ कहा है कि अब दुनिया को केवल तेल और गैस पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने परमाणु ऊर्जा (Nuclear Power) और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सोलर और विंड पावर की तरफ तेजी से बढ़ने की सलाह दी है। साथ ही, उन्होंने इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसे वैश्विक संकटों का सामना किया जा सके।
अन्य देशों और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ रहा है?
इस तनाव की वजह से IMF और वर्ल्ड बैंक ने भी चिंता जताई है, जिसका असर सबसे ज्यादा गरीब देशों और तेल खरीदने वाले देशों पर पड़ेगा। अमेरिका ने हाल ही में ईरान के दो बड़े तेल टैंकरों को रोका है और उन्हें Chabahar में खड़ा किया है। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आशंका जताई है कि अमेरिका और ईरान की जंग की वजह से यूक्रेन को मिलने वाली मिसाइल डिफेंस सप्लाई में कमी आ सकती है।