World Food Crisis: गाजा और सूडान में अकाल की पुष्टि, 2025 में पहली बार दो जगहों पर एक साथ देखा गया भुखमरी का संकट

दुनियाभर में भूख और भुखमरी की स्थिति काफी गंभीर हो गई है। हाल ही में आई Global Report on Food Crises (GRFC) 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में गाजा और सूडान में अकाल की पुष्टि हुई है। यह पहली बार हुआ है जब औपचारिक रिपोर्टिंग शुरू होने के बाद एक ही साल में दो अलग-अलग जगहों पर एक साथ अकाल की पुष्टि की गई हो।

गाजा और सूडान में भुखमरी के हालात क्या हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा स्ट्रिप सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाका रहा है, जहाँ उसकी 32% आबादी यानी करीब 6,40,700 लोग अकाल जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। वहीं सूडान में भी 6,37,200 लोग इसी संकट की चपेट में हैं। दुनिया के 47 देशों और क्षेत्रों में लगभग 266 मिलियन लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे हैं, जो 2016 के मुकाबले लगभग दोगुना हो गया है।

अकाल की पुष्टि किस आधार पर हुई और इसके कारण क्या हैं?

अकाल की पुष्टि तब होती है जब कम से कम 20% परिवारों में खाने की भारी कमी हो और 30% से ज़्यादा आबादी कुपोषण का शिकार हो। साथ ही, भुखमरी की वजह से मौत की दर 10,000 लोगों पर रोज़ाना 2 से ज़्यादा हो। संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने बताया कि युद्ध और हिंसा ही दुनिया में भुखमरी का सबसे बड़ा कारण हैं, जिसकी वजह से करोड़ों लोग प्रभावित हुए हैं।

बच्चों पर क्या असर पड़ा और आगे क्या खतरा है?

साल 2025 में 23 देशों में 6 से 59 महीने के करीब 35.5 मिलियन बच्चे कुपोषण का शिकार हुए, जिनमें से लगभग 10 मिलियन बच्चों की हालत बहुत ज़्यादा गंभीर थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गाजा, सूडान और दक्षिण सूडान में भुखमरी का खतरा 2026 तक बना रहेगा। फंड की कमी और युद्ध क्षेत्रों में पहुँच न होने की वजह से सही डेटा जुटाने में भी बड़ी दिक्कतें आ रही हैं।