संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव António Guterres ने साफ कहा है कि दुनिया एक बड़े युद्ध की कगार पर खड़ी है। मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव अब बेकाबू होता जा रहा है और इसका असर सिर्फ युद्ध लड़ रहे देशों तक सीमित नहीं रहेगा। Guterres ने चेतावनी दी है कि इस तनाव की वजह से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ सकती है और खाने-पीने की चीजों के साथ-साथ तेल के दाम भी आसमान छू सकते हैं।

इस तनाव से आम प्रवासियों और अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?

महासचिव के बयान के मुताबिक, अगर Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो पूरी दुनिया के लिए तेल और गैस की सप्लाई पर बुरा असर पड़ेगा। खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब, यूएई, ओमान और कतर में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि इससे आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने साफ किया है कि इस संघर्ष की वजह से अरब देशों की आर्थिक तरक्की रुक सकती है और ईरान की अर्थव्यवस्था में भी बड़ी गिरावट आ सकती है।

संयुक्त राष्ट्र की मुख्य चिंताएं और वर्तमान स्थिति

António Guterres ने ईरान और अन्य देशों से शांति बनाए रखने और समुद्री रास्तों का सम्मान करने की अपील की है। फिलहाल स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति के प्रयास जारी हैं। स्थिति की गंभीरता को नीचे दी गई जानकारी से समझा जा सकता है:

प्रभावित क्षेत्र/विषय मुख्य जानकारी
लेबनान में नुकसान 1345 लोगों की मौत और 4040 लोग घायल
वैश्विक संकट तेल और खाने-पीने की कीमतों में भारी उछाल का खतरा
मुख्य मांग समुद्री रास्तों की सुरक्षा और नागरिकों का बचाव
  • ईरान को अपने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने के लिए कहा गया है।
  • इजरायल और अमेरिका से भी युद्ध को खत्म करने की अपील की गई है।
  • लेबनान में मानवीय संकट गहराने से रोकने के लिए डिप्लोमेसी का सहारा लेने पर जोर दिया गया है।
  • संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की हिदायत दी गई है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.