केंद्र सरकार ने एक नए फैसले के माध्यम से घरेलू तेल कंपनियों के ऊपर बढ़ते दबाव को और बढ़ाया है। 14 जुलाई, 2023 को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, पेट्रोलियम क्रूड (Petroleum Crude) पर विंडफॉल टैक्स दोबारा लगाया गया है। इसके पहले मई में विंडफॉल टैक्स को शून्य कर दिया गया था।

विंडफॉल टैक्स का दर बढ़ा

इस नवीनतम नोटिफिकेशन के तहत, विंडफॉल टैक्स को 1600 रुपये प्रति टन तक बढ़ाया गया है, पहले इस पर शून्य टैक्स लगा हुआ था। नई दरें 15 जुलाई, 2023 से प्रभावी हैं। वहीं पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर विंडफॉल टैक्स को अभी भी शून्य ही रखा गया है।

विंडफॉल टैक्स का इतिहास

गौरतलब है कि भारत में पहली बार विंडफॉल टैक्स केंद्र सरकार ने क्रूड ऑयल उत्पादों पर जुलाई 2022 में लगाया था। इसमें गैसोलीन, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (Aviation Turbine Fuel) जैसे उत्पादों को भी शामिल किया गया था।

शेयर बाजार में असर

नए विंडफॉल टैक्स के परिणामस्वरूप, तेल कंपनियों के शेयर में थोड़ा बहुत दबाव देखने को मिल सकता है। इस टैक्स के लगने के साथ ही, तेल कंपनियों (जैसे IOCL) का मुनाफा कम होगा जिससे उनके शेयरों में दबाव देखने को मिल सकता है।

विंडफॉल टैक्स का इतिहास
जुलाई 2022 पहली बार विंडफॉल टैक्स लगाया
1 मई 2023 विंडफॉल टैक्स 2,200 रुपये प्रति टन की कटौती की गई
15 मई 2023 विंडफॉल टैक्स 4,100 रुपये प्रति टन से घटाकर शून्य किया गया
17 जून 2023 पेट्रोलियम क्रूड, पेट्रोल, डीजल और ATF पर किसी तरह का विंडफॉल टैक्स नहीं लगाने का फैसला
14 जुलाई 2023 पेट्रोलियम क्रूड पर विंडफॉल टैक्स 1600 रुपये प्रति टन कर दिया गया
Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।