Yemen: IRGC हूती लड़ाकों के जरिए रेड सी को बना रहा है बंधक, यमन के मंत्री ने दी चेतावनी

Sushma Kumari4 August 20262 min read47 viewsYemen
Yemen: IRGC हूती लड़ाकों के जरिए रेड सी को बना रहा है बंधक, यमन के मंत्री ने दी चेतावनी

यमन सरकार ने एक बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि Iran की IRGC यानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स लाल सागर और बाब अल-मंदेब में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही है। यमन के सूचना मंत्री Moammar al-Eryani ने 4 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर जारी बयानों में साफ कहा है कि ईरान हूती विद्रोहियों का इस्तेमाल करके होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसा ही दबाव का माहौल रेड सी में बनाना चाहता है। इसका सीधा असर वैश्विक समुद्री व्यापार और वहां की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

समुद्री रास्तों पर संकट और बढ़ती चिंता

ईरान का मकसद हूती मिलिशिया को एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल करना है ताकि वैश्विक समुद्री मार्ग के सुरक्षा इंतजामों को अपनी सियासी और सैन्य चालों के हिसाब से बदला जा सके। इस मुद्दे ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। खबरों के अनुसार, IRGC ने पहले ही होरमुज से बाब अल-मंदेब तक एक सुरक्षा घेरा बनाने की धमकी दी थी। इसी कड़ी में हूती विद्रोहियों ने 4 अगस्त 2026 को दक्षिण Saudi Arabia के Najran Airport पर ड्रोन हमले का दावा किया है।

शिपिंग पर बुरा असर और यात्रा का बढ़ा समय

हूतियों की तरफ से रेड सी में सऊदी अरब के जहाजों और बंदरगाहों को निशाना बनाने की धमकियों ने समुद्री परिवहन को मुश्किल में डाल दिया है। इन धमकियों के कारण 3 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के 6 सुपरटैंकरों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। इन जहाजों को गल्फ ऑफ अदन से दूसरे रास्ते से जाना पड़ा, जिससे उनकी यात्रा में कम से कम 25 दिन की देरी हो गई है। यह देरी न केवल व्यापारिक नुकसान का कारण है, बल्कि इससे आम लोगों के लिए जरूरी सामानों की सप्लाई चेन पर भी बुरा असर पड़ता है।

सऊदी अरब का बड़ा कदम और IRGC की भूमिका

हूतियों को दी जा रही मदद पर यमन सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है। 24 जुलाई 2026 से पहले की रिपोर्टों में बताया गया है कि ईरान ने हूतियों की ताकत बढ़ाने के लिए अपने सैन्य सलाहकार, IRGC के कमांडर, मिसाइलें और ड्रोन उपकरण भारी मात्रा में यमन भेजे हैं। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने इस कदम को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।

सऊदी अरब ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अन्य देशों के साथ मिलकर Multinational Maritime Defence Alliance का गठन किया है। इस गठबंधन का मुख्य मकसद बाब अल-मंदेब, लाल सागर और अदन की खाड़ी में जहाजों की सुरक्षा को यकीनी बनाना है। वैश्विक समुदाय से अपील की जा रही है कि वे हूती मिलिशिया पर दबाव डालें ताकि लाल सागर में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे और समुद्री व्यापार पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।

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