सऊदी अरब की किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) यमन के लोगों की मदद के लिए लगातार काम कर रही है। हाल ही में अदन के प्रोस्थेटिक्स सेंटर में 659 लोगों को जरूरी मेडिकल सेवाएं दी गईं। यह कदम युद्ध और हादसों में अपंग हुए लोगों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए उठाया गया है।
अदन के सेंटर में कितनी मदद मिली और किसे फायदा हुआ?
सऊदी प्रेस एजेंसी (SPAENG) के मुताबिक 10 मई 2026 तक इस सेंटर से 659 लोग लाभ उठा चुके हैं। इससे पहले मार्च की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि सिर्फ फरवरी महीने में 666 लोगों को सेवाएं मिली थीं। उस दौरान कुल 2,159 सेवाएं दी गईं। आंकड़ों के हिसाब से लाभार्थियों में 62 प्रतिशत महिलाएं और 38 प्रतिशत पुरुष थे। इसमें 55 प्रतिशत लोग विस्थापित थे और 45 प्रतिशत वहां के स्थानीय निवासी थे।
इस सेंटर का मुख्य मकसद और सुविधाएं क्या हैं?
KSrelief और इंटरनेशनल वॉर एंड डिजास्टर विक्टिम्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन (IRVD) मिलकर इस सेंटर को चला रहे हैं। यहाँ केवल कृत्रिम अंग नहीं लगाए जाते, बल्कि लोगों को शारीरिक और कार्यात्मक पुनर्वास (rehabilitation) भी दिया जाता है। सेंटर का लक्ष्य मरीजों को इस काबिल बनाना है कि वे फिर से रोजगार पा सकें। साथ ही, यहाँ के मेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि यमन के विशेषज्ञ डॉक्टर देश छोड़कर बाहर न जाएं।
सऊदी अरब ने इसके लिए क्या कदम उठाए?
सऊदी सरकार ने अदन और मारिब प्रांतों में इन सेंटर्स को चलाने के लिए खास समझौते किए हैं। इनमें से मुख्य समझौते 13 सितंबर 2023 और 9 जनवरी 2026 को साइन हुए थे। यह पूरी पहल सऊदी अरब के उन मानवीय प्रोजेक्ट्स का हिस्सा है जिनका उद्देश्य यमन के स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर बनाना और वहां के आम लोगों की तकलीफों को कम करना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अदन के प्रोस्थेटिक्स सेंटर में किस तरह की सेवाएं मिलती हैं?
यहाँ कृत्रिम अंगों का निर्माण, उन्हें फिट करना, रिहैबिलिटेशन, फिजियोथेरेपी और विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श जैसी सेवाएं मुफ्त दी जाती हैं।
इस प्रोजेक्ट को कौन चला रहा है और इसका लक्ष्य क्या है?
यह प्रोजेक्ट किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) द्वारा समर्थित है और IRVD संस्था द्वारा संचालित है। इसका लक्ष्य दिव्यांग लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के काबिल बनाना है।
