Yemen के Aden शहर से एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। वहां की Southern Transitional Council (STC) और उनके नेता Aidaroos Al-Zubaidi पर आरोप लगा है कि उन्होंने करीब 40 लोगों को जबरन गिरफ्तार किया और उन्हें गायब कर दिया। बताया जा रहा है कि इन पकड़े गए लोगों में बच्चे भी शामिल हैं।
🚨: UAE राष्ट्रपति और इटली प्रधानमंत्री की मुलाकात, निवेश और AI को लेकर हुई अहम चर्चा।
यह जानकारी Human Rights Watch (HRW) के हवाले से सोशल मीडिया पर साझा की गई है। हालांकि, पिछले 24 घंटों में HRW की तरफ से इस खास घटना की सीधी पुष्टि करने वाली कोई ताजा रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन यह संस्था लंबे समय से यमन में हो रहे मानवाधिकार हनन पर नजर रख रही है।
पुराने रिकॉर्ड और रिपोर्ट्स
Human Rights Watch ने अपनी ‘World Report 2026’ में साफ लिखा था कि यमन में संघर्ष कर रहे सभी गुट, जिनमें STC, हूतिया बल और सरकारी सेना शामिल हैं, लोगों को अवैध रूप से गिरफ्तार कर रहे हैं। रिपोर्ट में जिक्र था कि STC पत्रकारों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को बिना वजह हिरासत में ले रहा है।
इससे पहले मार्च 2026 में भी एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें बताया गया था कि सरकारी बलों ने Aden, Shabwa और Hadramout में प्रदर्शनकारियों और बच्चों को जबरन हिरासत में लिया था। उनमें से कुछ लोग दो हफ्ते से ज्यादा समय तक बिना किसी चार्ज के कैद रहे थे।
शहर में तनाव का माहौल
Aden में हालात पिछले कुछ दिनों से तनावपूर्ण हैं। 15 जून 2026 को सुरक्षा बलों ने Aidaroos Al-Zubaidi के एक पुराने ऑफिस को बंद कर दिया था। इसके जवाब में STC ने सऊदी अरब और Aden सरकार की आलोचना की और अपने समर्थकों से इस ऑफिस को दोबारा खुलवाने के लिए इकट्ठा होने की अपील की थी।
कानून और हकीकत
यमन के कानून के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को बिना वारंट के गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। नियम यह है कि गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर व्यक्ति को अदालत में पेश करना जरूरी होता है। लेकिन हकीकत यह है कि वहां लड़ रहे अलग-अलग गुट इन कानूनी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।