Yemen: यमन के राष्ट्रपति परिषद के प्रमुख ने हूती समूह के साथ नया संघर्षविराम ठुकराया, कहा- अब होगी कड़ी कार्रवाई.

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रेसिडेंटल लीडरशिप काउंसिल यानी PLC के चेयरमैन Rashad al-Alimi ने 12 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया है कि उनकी सरकार हूती समूह के साथ अब कोई नया युद्धविराम या समझौता नहीं चाहती है। उन्होंने बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि पिछले समझौतों और संघर्षविराम का फायदा उठाकर हूतियों ने अपनी सैन्य ताकत को दोबारा मजबूत किया और फिर से हमले शुरू कर दिए, और अब सरकार इस तरह की गलती को दोबारा बिल्कुल नहीं दोहराएगी। उन्होंने देश की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार और एकजुट कमान के तहत काम कर रही यमन की सशस्त्र सेनाओं के जरिए हूती हरकतों का कड़ा और व्यापक जवाब देने का संकल्प लिया है।
न्यायिक दस्तावेज तैयार करने के दिए निर्देश
रियाद में सुप्रीम जुडिशल काउंसिल के चेयरमैन Mohsen Yahya Talib और अन्य न्यायिक प्रमुखों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान Rashad al-Alimi ने सभी कथित हूती हमलों के कानूनी और न्यायिक दस्तावेजों को बेहद सावधानी से तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में होने वाले किसी भी राजनीतिक समझौते में किसी भी अपराधी को माफी नहीं मिलनी चाहिए और ना ही पीड़ितों के अधिकारों का हनन होना चाहिए। उन्होंने संघर्ष की वजह से हुई तबाही के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी प्रकार की छूट या इम्यूनिटी देने का विरोध किया ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
सरकारी संस्थानों की बहाली मुख्य लक्ष्य
यमन की सरकार और परिषद का मुख्य रणनीतिक उद्देश्य देश में सरकारी संस्थानों को पूरी तरह से बहाल करना और हूती तख्तापलट को समाप्त करना है। पिछले एक महीने के दौरान सरकारी बलों और हूतियों के बीच एक बार फिर से भारी और अभूतपूर्व झड़पें देखने को मिली हैं, जिनमें दर्जनों लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई है। इन बढ़ती घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है जिस पर सरकार की पैनी नजर बनी हुई है।
समुद्री जहाजों पर हमले और सरकार का कड़ा रुख
बीते 11 अगस्त 2026 को हूती समूह ने Tihamah नामक जहाज पर हमला करने का दावा किया था और इसे सऊदी सैन्य साजो-सामान ले जाने वाला ट्रांसपोर्ट बताया था। हालांकि, यमन के परिवहन मंत्रालय ने इस दावे का तुरंत खंडन किया और स्पष्ट किया कि वह जहाज केवल खाने-पीने की जरूरी आपूर्ति लेकर जा रहा था जिसे बाब अल-मदब जलडमरूमध्य में बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया था। इस घटना के बाद Rashad al-Alimi ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के राजदूतों के साथ बैठक की और उन्हें बताया कि यमन सरकार अपनी शांति की प्रतिबद्धता का गलत फायदा हूतियों को नहीं उठाने देगी। इस बीच संयुक्त राष्ट्र इस संघर्ष के एक स्थायी राजनीतिक समाधान की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है ताकि यमन के लोगों को राहत मिल सके।