यमन के अल-बैदा (Al-Bayda) गवर्नरट की जनजातियों ने 20 जुलाई 2026 को यमनी राज्य को बहाल करने के लिए जारी लड़ाई में अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद जनजातियों ने अल-रय्यान (Al-Rayyan) गैदरिंग पॉइंट पर पहुंचकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। यह लामबंदी एक बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश में वैध शासन को वापस लाना है।
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शेख हमद बिन फदग के आह्वान पर जुटी जनजातियां
यह महत्वपूर्ण निर्णय शेख हमद बिन फदग (Sheikh Hamad bin Fadg) द्वारा शुरू किए गए नक्फ (Nakf) जनजातीय सम्मेलनों के आह्वान पर लिया गया है। जनजातियों ने स्पष्ट किया है कि हूती मिलिशिया के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में यमन के आम नागरिकों पर हो रहे अत्याचार और मानवाधिकारों का उल्लंघन इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह है।
जनजातीय नेताओं का कहना है कि हूती मिलिशिया की हरकतें यमनी समाज के सम्मान पर सीधा हमला हैं। इसी के चलते सभी जनजातियां एकजुट होकर राज्य की व्यवस्था को दोबारा स्थापित करने के लिए आगे आई हैं।
