Yemen Port Attack: यमन के अल-मक्खा बंदरगाह पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमलों से कामकाज ठप, 1500 से ज्यादा मजदूर बेरोजगार.

यमन के महत्वपूर्ण अल-मक्खा बंदरगाह पर लगातार हो रहे हमलों की वजह से कामकाज पूरी तरह से बंद हो गया है। 21 अगस्त 2026 तक मिली जानकारी के मुताबिक, लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों ने इस इलाके में भारी तबाही मचा दी है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बंदरगाह के डायरेक्टर अब्दुलमलिक अल-शराबी ने यह जानकारी दी है कि 9 अगस्त 2026 के बाद से इस फैसिलिटी को 25 से ज्यादा मिसाइलों का सामना करना पड़ा है, जिससे लगभग 16 मिलियन डॉलर यानी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इन भयानक हमलों में कुल सात लोगों की मौत हो गई है, जिसमें चार सुरक्षाकर्मी और तीन पोर्ट कर्मचारी शामिल हैं।
नागरिक और बुनियादी ढांचे पर बड़ा असर
यमन की सरकार ने बताया कि 15 अगस्त 2026 को हौथी ताकतों ने छह और बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इन हमलों का निशाना मुख्य रूप से नागरिक इलाके, आर्थिक केंद्र और समुद्री बुनियादी ढांचा थे, जिसमें कम से कम चार आम नागरिक मारे गए। हौथी आर्म्ड फोर्सेस के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारेे ने कहा कि उनका यह ऑपरेशन सऊदी सैन्य ठिकानों और क्षेत्र में सक्रिय सहयोगियों के जहाजों को रोकने के लिए था। इस बीच, प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन रशाद अल-अलिमी ने चेतावनी दी है कि इस तरह बंदरगाह को निशाना बनाने से जरूरी सामान, खाना और ईंधन की सप्लाई खतरे में पड़ गई है, जिससे आने वाले समय में गंभीर मानवीय संकट पैदा हो सकता है।
मजदूरों की मुश्किलें और नया सुरक्षा कदम
बंदरगाह के अचानक बंद होने से 1500 से अधिक कामगार रातों-रात बेरोजगार हो गए हैं। इस वजह से व्यापारियों को जरूरी सामान लाने के लिए अब दूसरे महंगे रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे आम लोगों पर भी महंगाई की मार पड़ रही है। हालांकि अभी तक का ज्यादातर नुकसान हथियारों के कार्गो और पोर्ट के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हुआ है, लेकिन ज्वाइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर ने समुद्री सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए 20 अगस्त 2026 को यमन सरकार ने ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर मोहसेन हैदरा अल-ओमारी की अगुवाई में एक नई नेशनल मैरीटाइम सिक्योरिटी कमेटी बनाने का ऐलान किया है। यह नई कमेटी लाल सागर, अदन की खाड़ी और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में यमन के तटों, बंदरगाहों और समुद्री रास्तों की सुरक्षा करेगी और हमलों के जोखिम को कम करने के लिए नियमों को अपडेट करेगी।