Yemen Attack: यमन के बंदरगाह पर हूती का बड़ा हमला, 4 सैनिक और 3 नागरिक की हुई मौत

लाल सागर में जारी तनाव के बीच यमन से एक बड़ी और दहला देने वाली खबर सामने आ रही है जहाँ हूती विद्रोहियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण वाले ऐतिहासिक बंदरगाह अल-मखा पर भीषण हमला कर दिया है। इस खतरनाक हमले में कुल सात लोगों की जान चली गई है और 15 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। रविवार को हुए इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और विस्फोटक से लदे ड्रोनों का खुलकर इस्तेमाल किया गया जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई।
मिसाइल और ड्रोन हमलों से दहला बंदरगाह परिसर
यमन सरकार के सैन्य प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि हूती विद्रोहियों ने मुख्य रूप से बंदरगाह पर मौजूद नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाकर यह कायराना हरकत की है। हमले के तुरंत बाद इलाके में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और देखते ही देखते बंदरगाह परिसर में भीषण आग भड़क उठी। आसमान में काले धुएं के गुबार और ऊंची-ऊंची लपटें दूर से ही देखी जा सकती थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हूती की मिसाइलें एक स्थानीय टेलीविजन केंद्र के मुख्यालय और एक सरकारी इमारत के पास भी आकर गिरीं जिससे आम लोगों में भारी डर का माहौल बन गया है।
हूती के 11 ड्रोन हवा में ही हुए ढेर
यमन सरकार के सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि इस खूनी संघर्ष के दौरान यमन सरकार की वायु रक्षा प्रणाली ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए हूती के 11 ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया। इसके बावजूद मिसाइलों की चपेट में आने से मरने वालों में चार सैनिक और तीन आम नागरिक शामिल हैं। बंदरगाह के निदेशक अब्दुल मलिक अल-शराबी ने मीडिया के सामने इन हमलों की पुष्टि की है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हूती यमन का एक उग्रवादी राजनीतिक और सैन्य संगठन है जो मुख्य रूप से देश के उत्तरी हिस्से के जैदी शिया मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करता है और इसे सीधे तौर पर ईरान का समर्थन हासिल है। अमेरिका, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश पहले ही हूती को आधिकारिक तौर पर आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं।
परिवहन मंत्रालय की आपात बैठक और हिंसा का नया दौर
इस पूरे घटनाक्रम के बाद इस बंदरगाह की देखरेख करने वाले यमन के परिवहन मंत्रालय ने एक आपात वर्चुअल बैठक बुलाई जिसकी अध्यक्षता मंत्री मोहसेन अली हैदराह ने की। इस बैठक में सरकार ने बंदरगाह पर हुए इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है। दूसरी ओर हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने इन हमलों की पूरी जिम्मेदारी ली है। यमन में हिंसा का यह ताजा दौर पिछले गुरुवार से शुरू हुआ है जब हूती ने मारिब और हद्रमौत में यमनी सेना के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए थे। इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए यमन की सेना ने भी हूती के ठिकानों पर भारी बमबारी की थी जिससे क्षेत्र के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।