Yemen Port Attack: यमन के अल-मोखा बंदरगाह पर हुआ खतरनाक मिसाइल और ड्रोन हमला, 7 लोगों की मौत और 1.6 करोड़ डॉलर का नुकसान.

यमन के महत्वपूर्ण Al-Mokha Port पर हूती बलों द्वारा किए गए भयानक बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद बंदरगाह का पूरा कामकाज पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यह दर्दनाक घटना 14 और 15 अगस्त 2026 को हुई, जिससे बंदरगाह के कमर्शियल इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है। इन हमलों की वजह से डॉकयार्ड, जरूरी उपकरण और एक ड्रेजर पूरी तरह तबाह हो गए हैं, जिससे सीधे तौर पर करीब 1.6 करोड़ डॉलर यानी भारतीय मुद्रा के हिसाब से बहुत बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ है। इस अचानक हुए हमले ने आम लोगों और वहां काम करने वाले मजदूरों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है।
हमले में इतने लोगों की हुई मौत और कई मजदूर हुए बेघर
इस भीषण हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी भी दो नाविक लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है। बंदरगाह के डायरेक्टर Abdulmalik Al-Sharabi ने इस बात की पुष्टि की है कि लॉजिस्टिक्स सेवाओं और स्टाफ की सुविधाओं को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इस भयानक तबाही के कारण लगभग 1,300 मजदूर बेरोजगार होकर विस्थापित हो चुके हैं, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सरकार की ओर से एक जांच समिति बनाई गई है जो इस पूरी बर्बादी का आकलन कर रही है.
सरकारी अधिकारियों की कड़ी प्रतिक्रिया और राहत कार्यों पर असर
यमीनी सशस्त्र बलों ने जानकारी दी है कि उन्होंने इस हमले के दौरान कुल 11 ड्रोन हवा में ही मार गिराए थे। अधिकारियों ने इस घटना को एक कायराना आतंकवादी कृत्य करार दिया है, जिसका मुख्य मकसद देश की खाद्य सुरक्षा और मानवीय सहायता के कामों को रोकना था। कर्नल Majed Al-Nizaili ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार इस कायराना हरकत का बहुत कड़ा जवाब देगी। सुरक्षा के खतरों को देखते हुए इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी ने भी इस इलाके में अपने जमीनी कामकाज को अस्थाई तौर पर रोक दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन राहत और बचाव कार्य तेजी से आगे बढ़ा रहा है ताकि प्रभावित परिवारों को किसी तरह की मदद पहुंचाई जा सके.