Yemen में फिर भड़की हिंसा, मोखा पोर्ट पर हूती विद्रोहियों ने दागे मिसाइल और ड्रोन, कई लोगों की हुई मौत।

यमन के ताएज प्रांत में 9 अगस्त 2026 को यमन की सेना और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच भीषण झड़प शुरू हो गई। इस नई हिंसा ने अप्रैल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए उस नाजुक संघर्ष विराम को खतरे में डाल दिया है जो अब तक शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहा था। लाल सागर के पास स्थित रणनीतिक मोखा पोर्ट पर हूती लड़ाकों द्वारा किए गए एक बड़े हमले के बाद यह पूरा घटनाक्रम सामने आया है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
मोखा पोर्ट पर हुआ भारी नुकसान
यमन सरकार की आधिकारिक समाचार एजेंसी सबा के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने मोखा पोर्ट को निशाना बनाने के लिए कई बैलिस्टिक मिसाइलों और भारी संख्या में ड्रोन्स का इस्तेमाल किया। यमन के एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि कई प्रोजेक्टाइल सीधे पोर्ट के रिहायशी इलाकों में जा गिरे। हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सरे ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उनका निशाना सैन्य जमावड़ा और हथियार गोदाम थे, जिससे दुश्मन के उपकरणों को भारी नुकसान हुआ और दर्जनों लोग हताहत हुए। हालांकि, स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस हमले में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई जिसमें चार नागरिक और चार सरकारी सैनिक शामिल थे। इसके अलावा लगभग 32 लोग घायल बताए जा रहे हैं। पोर्ट के निदेशक अब्दुलमलिक अल-शराबी ने पुष्टि की कि इस हमले में पोर्ट की आर्थिक सुविधाओं, कर्मचारियों के आवास और कस्टम हेंगर को काफी नुकसान पहुंचा है। हूती गुट का कहना था कि यह हमला सऊदी समर्थित सैन्य गतिविधियों और लगातार भेजी जा रही सैन्य टुकड़ियों के जवाब में किया गया था। इस हमले के बारे में अधिक जानकारी UNI India की रिपोर्ट में दी गई है।
यमन सेना की जवाबी कार्रवाई
हूती विद्रोहियों के इस खतरनाक हमले के तुरंत बाद यमन की सरकारी सेना ने भी पलटवार किया। सेना ने ताएज शहर के उत्तर-पश्चिम में स्थित अल-महरोर इलाके के अलावा मक़बनाह के हमीर मोर्चे और सबिर अल-मासराह जिले के अल अक्रुद मोर्चे पर हूती ठिकानों को अपनी तोपखाने से निशाना बनाया। यमन सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नाजिली ने सरकारी बलों द्वारा इन जवाबी हमलों की पूरी पुष्टि की है। यमन के पश्चिमी और मध्य इलाकों में चल रही यह जमीनी लड़ाई इस बात का संकेत देती है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है और आने वाले दिनों में यह संघर्ष बड़े पैमाने पर फैल सकता है।
सऊदी अरब के जजान शहर पर भी हुआ ड्रोन हमला
उसी दिन यानी 9 अगस्त 2026 को एक अलग घटना में हूतियों ने सऊदी अरब के जजान शहर में स्थित सऊदी अरामको रिफाइनरी पर भी ड्रोन से हमला करने का दावा किया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की कि इस ड्रोन हमले की वजह से रिफाइनरी परिसर में आग लग गई थी, गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने की खबर सामने नहीं आई। खाड़ी देशों में इस तरह की लगातार घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं।