Yemen Conflict: यमन की सेना ने मारिब में हूती ठिकानों पर की स्ट्राइक, बढ़ते तनाव से अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित।

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बार फिर से हिंसा तेजी से बढ़ रही है और स्थिति गंभीर होती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के साथ जुड़ी सेना ने 14 अगस्त 2026 को मारिब में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर लक्षित हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी Akhbar24 की रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि यह कदम हाल के दिनों में बढ़े हमलों के जवाब में उठाया गया है। यमन की सेना का कहना है कि उन्हें अपने नागरिकों, सैन्य बुनियादी ढांचे और रिहायशी इलाकों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है, जिन्हें लगातार हूती हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी और बढ़ता तनाव
यमन में बिगड़ते हालातों को देखते हुए दुनिया भर के देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र के यमन मामलों के विशेष दूत Hans Grundberg ने 14 अगस्त को सुरक्षा परिषद को चेतावनी दी थी कि देश साल 2022 के बाद से एक बार फिर से बड़े पैमाने पर युद्ध की कगार पर पहुंच गया है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब दोनों पक्षों की ओर से लगातार हमले किए जा रहे हैं। हाल ही में मारिब और मोखा में सैन्य ठिकानों पर हूती गुट की तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने के दावे सामने आए थे, जिसमें कई दर्जन लोगों के हताहत होने की खबर है।
विभिन्न मोर्चों पर जारी है संघर्ष
यमन के कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे कि मारिब, हद्रमौत और मोखा में संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है, जिससे आम जनता की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इस स्थिति को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल प्रभाव से गोलाबारी रोकने और शांतिपूर्ण बातचीत की मेज पर वापस लौटने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि यदि इस बढ़ते तनाव को जल्द नहीं रोका गया, तो इससे न केवल स्थानीय स्तर पर आम नागरिकों को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ेगा, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर भी भारी असर पड़ सकता है। युद्ध के इन हालातों के कारण वहां रहने वाले स्थानीय लोगों के साथ-साथ विदेशी नागरिकों और कामगारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।