Yemen Crisis: यमन में बढ़ते नागरिक संकट पर यूएन चीफ ने जताई चिंता, पूर्ण युद्ध से बचने की अपील.

यमन में लगातार बिगड़ते हालात और नागरिकों की बढ़ती मौतों को लेकर संयुक्त राष्ट्र यानी UN के मानवाधिकार प्रमुख Volker Turk ने 17 अगस्त 2026 को गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की है कि वे संयम बरतें और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पूरी तरह से पालन करें, ताकि देश एक बार फिर से पूर्ण पैमाने पर युद्ध की आग में न झुलस जाए।
सुरक्षा परिषद की बैठकों और क्षेत्रीय तनाव का असर
यह अपील UN Security Council को दी गई उन रिपोर्ट्स के बाद आई है जिसमें देश की अस्थिरता का जिक्र किया गया था। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg ने क्षेत्रीय संघर्ष के बढ़ते खतरे पर प्रकाश डाला था। उन्होंने बताया कि हाउती विद्रोहियों द्वारा महत्वपूर्ण जलमार्गों और मोचा बंदरगाह पर किए गए हमलों के कारण सैन्य और नागरिक दोनों को नुकसान उठाना पड़ा है। इन लगातार हमलों और क्षेत्रीय तनाव के कारण आम जनता का जीवन बेहद मुश्किल हो गया है।
गंभीर मानवीय संकट और खाद्य सुरक्षा
यमन में मानवीय स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। मानवीय मामलों के अवर महासचिव Tom Fletcher ने सुरक्षा परिषद को दी गई जानकारी में बताया कि देश की आधी से अधिक आबादी गंभीर खाद्य सुरक्षा संकट का सामना कर रही है। स्थिति इतनी खराब है कि लगभग 11 मिलियन लोग यानी करीब एक करोड़ दस लाख लोग मदद के लिए पूरी तरह से तरस रहे हैं और उन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप ReliefWeb Report और UK Government Statement पर जा सकते हैं।
क्षेत्रीय तनाव उस समय और बढ़ गया जब यूएन के कुछ कर्मियों को हिरासत में ले लिया गया और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर हमले जारी रहे। इन तमाम घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने लगातार हो रही हिंसा की कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र एक तरफ जहां अपने हिरासत में लिए गए साथियों की तुरंत रिहाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह शत्रुता को तुरंत रोकने के लिए भी दबाव बना रहा है ताकि आपातकालीन स्तर की तंगी झेल रहे यमन के लोगों की रक्षा की जा सके।