यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन और हुथी विद्रोहियों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। गठबंधन ने साफ कहा है कि हुथी समूह सऊदी अरब के खिलाफ भड़काऊ बातें सिर्फ इसलिए कर रहा है ताकि दुनिया का ध्यान यमन के लोगों पर हो रहे जुल्मों और उनके अपने अपराधों से हटाया जा सके।
शनिवार, 3 और 4 जुलाई 2026 को जारी बयानों में गठबंधन ने हुथी मिलिशिया की इस बयानबाजी को ध्यान भटकाने की एक चाल बताया। गठबंधन ने चेतावनी दी है कि अगर सऊदी अरब या यमन की संप्रभुता को नुकसान पहुँचाने की कोई भी कोशिश हुई, तो इसका जवाब बहुत सख्ती और पहले से कहीं ज्यादा ताकत के साथ दिया जाएगा।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब हुथी प्रवक्ता Yahya Sarea ने दावा किया कि सऊदी अरब के विमानों ने एक ईरानी नागरिक विमान को सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने से रोकने की कोशिश की। हुथी का कहना था कि इस विमान में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में शामिल होने वाले अधिकारी और मरीज सवार थे। हुथी समूह ने धमकी दी कि अगर सऊदी अरब ने यमन के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन जारी रखा, तो वे सऊदी एयरपोर्ट और वहां के अहम ठिकानों को निशाना बनाएंगे।
दूसरी तरफ, सऊदी अरब ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल Turki Al-Maliki ने कहा कि हुथी समूह यमन के लोगों के खिलाफ किए गए अपने गंभीर अपराधों और वहां के आर्थिक संकट की जिम्मेदारी से बचने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहा है।
गठबंधन ने यह भी आरोप लगाया कि हुथी समूह ने दक्षिणी लाल सागर और बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री रास्तों पर हमले किए हैं। इसकी वजह से होदेइदा, रस ईसा और सालिफ जैसे बंदरगाहों के साथ-साथ सना एयरपोर्ट, पावर स्टेशनों और औद्योगिक सुविधाओं को भारी नुकसान पहुँचा है।
