यमन के तट पर बड़ा समुद्री हमला, बिना चालक का मालवाहक जहाज डूबा और हूती ने साउदी जहाज पर दागी मिसाइलें

यमन के तटीय इलाकों में समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा खतरा सामने आया है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने आधिकारिक तौर पर यमन के पास समुद्र में एक गंभीर घटना की जानकारी साझा की है। इस घटना के बाद से क्षेत्रीय तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है।
मोखा के पास मालवाहक जहाज पर हमला
सोमवार, 17 अगस्त 2026 को मोखा से लगभग 40 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में एक बिना पहचान वाला मालवाहक जहाज पर हमला किया गया। इसके अगले दिन यानी मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट में बताया गया कि घटना के समय जहाज पूरी तरह से मानव रहित था। इस जहाज पर कई अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया, जिसके कारण जहाज पूरी तरह से नष्ट हो गया और इसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
बाबुएल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी जहाज पर मिसाइलें दागी गईं
एक अन्य घटनाक्रम में सोमवार, 18 अगस्त 2026 को हूती आंदोलन ने बाबुएल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक सऊदी जहाज पर मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली है। यमन की सरकारी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि एक सेवा से बाहर हो चुके जहाज पर कुल छह मिसाइलें दागी गईं। हूती समूह का यह कदम सऊदी अरब के खिलाफ उनकी पहले से घोषित समुद्री नाकाबंदी की नीति का ही एक हिस्सा है।
हूती और यमन सरकार के बीच सैन्य संघर्ष तेज
इस अस्थिरता को और बढ़ाते हुए हूती सैन्य प्रवक्ता याहया सारेे ने दावा किया कि उनके समूह ने अल-माखा (मोखा) बंदरगाह शहर के पास सऊदी नीت नेतृत्व वाले गठबंधन के एक लैंडिंग जहाज और चार अन्य युद्धपोतों को निशाना बनाकर हमले किए। हूती गुट की तरफ से यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार द्वारा चलाए गए एक बड़े सैन्य अभियान के ठीक बाद सामने आई है। यमन सरकार ने पिछले 24 घंटों के भीतर हूती मिलिशिया की क्षमताओं के खिलाफ कुल 133 सैन्य अभियान चलाए थे, जिसके बाद से क्षेत्र में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।