यमन में शांति की उम्मीदें एक बार फिर टूट गई हैं। 13 जुलाई 2026 को Sana’a इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक हवाई हमले के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। यमन की सरकार का कहना है कि यह हमला ईरान से आने वाली एक अनधिकृत फ्लाइट को रोकने के लिए किया गया था। इस घटना के तुरंत बाद 14 जुलाई को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के Abha इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया, जिससे लंबे समय से चल रहा युद्धविराम खत्म हो गया है।
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तनाव के बाद सरकार का बड़ा कदम
यमन के राष्ट्रपति Rashad Mohammed Al-Alimi ने हूती मिलिशिया पर शांति प्रयासों को खराब करने का आरोप लगाया है। सरकार ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है और अगले आदेश तक देश के सभी एयरपोर्ट्स को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने इसे सऊदी अरब की तरफ से युद्ध की शुरुआत बताया है और चेतावनी दी है कि इस हमले का बदला लिया जाएगा।
UN और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता
संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव Khaled Khiari ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और बातचीत से मामला सुलझाने की अपील की है। UN Security Council ने एक आपातकालीन बैठक में Resolution 2826 को अपनाया है, जिसके तहत Red Sea में कमर्शियल जहाजों पर हूती हमलों की रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है। चीन ने भी इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए शांति की वकालत की है। वर्तमान में यमन के उत्तरी इलाकों में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और स्थानीय कबायली लोग भी विद्रोहियों के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। विशेषज्ञ इसे एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आहट मान रहे हैं।
