यमन सरकार ने हुती (Houthi) विद्रोहियों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए 13 जुलाई 2026 को एक बड़ा फैसला लिया है। अदन में प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Dr. Shayea Mohsen Al-Zindani की अध्यक्षता में हुई एक विशेष बैठक में सरकार ने स्थायी सत्र (permanent session) की घोषणा की। सरकार का कहना है कि शांति के लिए अब तक दी गई सभी छूट और पहल विफल रही हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।

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संकट प्रबंधन के लिए नई टीम

हुती विद्रोहियों से निपटने के लिए सरकार ने एक विशेष क्राइसिस मैनेजमेंट टीम बनाई है जो सैन्य, कूटनीतिक और मीडिया संबंधी फैसलों पर तेजी से काम करेगी। रक्षा और गृह मंत्रालयों को देश की सीमाओं, हवाई क्षेत्र और बंदरगाहों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।

ईरान और हुती विद्रोहियों पर गंभीर आरोप

यमन के रक्षा मंत्री General Taher al-Aqili ने कहा कि ईरानी विमानों का यमन के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने हुती विद्रोहियों को इस तनाव के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है और ईरान पर विद्रोहियों को लगातार मदद देकर शांति प्रयासों को कमजोर करने का आरोप लगाया है। यह फैसला सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर यमनी सेना की कार्रवाई के बाद आया है, जिसका उद्देश्य एक ईरानी विमान को उतरने से रोकना था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) 13 जुलाई 2026 को आपातकालीन बैठक करेगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.