यमन के रक्षा मंत्री Taher al-Uqaili ने 21 जुलाई 2026 को बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा है कि यमन की सरकार हूतियों के तख्तापलट को खत्म करने और देश की आजादी के लिए पूरी ताकत से लड़ने को तैयार है। इस बयान के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है और सरकार ने अपनी सैन्य तैयारियों को और तेज कर दिया है।
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सरकार और सेना की कड़ी तैयारी
इस घोषणा से पहले 5 जुलाई 2026 को यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन Rashad Al-Alimi ने सभी सरकारी सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया था। इसके बाद यमन के सैन्य प्रवक्ता Brig. Gen. Abdu Majly ने बताया कि सेना किसी भी हमले का जवाब देने के लिए मुस्तैद है। उन्होंने इस पूरे संकट के पीछे ईरान का हाथ होने का दावा किया और इसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
हूती गुट ने भी दी चेतावनी
दूसरी तरफ हूती गुट के रक्षा मंत्री Major General Mohammed Al-Atifi ने 17 और 18 जुलाई 2026 को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर यमन पर घेराबंदी खत्म नहीं हुई तो वे सऊदी अरब और उसके सहयोगियों के खिलाफ बड़े कदम उठाएंगे। हूती नेता ने दावा किया है कि उनके पास हवाई अड्डों और बंदरगाहों को निशाना बनाने की रणनीति तैयार है और वे इसे लागू करने से पीछे नहीं हटेंगे।
