यमन के रक्षा मंत्री Lieutenant General Dr. Taher Al-Aqili ने बुधवार, 22 जुलाई 2026 को मारिब में एक जरूरी सैन्य बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने शीर्ष सैन्य अधिकारियों को देश की सुरक्षा और रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश दिया। इसका मुख्य उद्देश्य चल रहे सैन्य अभियानों की समीक्षा करना और हुती विद्रोहियों की हरकतों पर नजर रखना है।

📰: Red Sea में सऊदी टैंकरों पर हूती हमला, मिसाइल और ड्रोन से ENCELIA को बनाया निशाना

सेना की तैयारियों में तेजी

मंत्री ने विभिन्न सैन्य इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर जोर दिया ताकि किसी भी स्थिति का मजबूती से मुकाबला किया जा सके। इस बैठक में Chief of the General Staff, Lieutenant General Sagheer bin Aziz के साथ-साथ खुफिया विभाग, रसद और सैन्य क्षेत्रों के प्रमुख कमांडर मौजूद थे। इससे पहले 20 जुलाई 2026 को नेशनल डिफेंस काउंसिल ने हुती तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा और प्रशासनिक कदम उठाने का फैसला किया था।

शांति बहाली के लिए सरकार की कोशिश

21 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री ने यह साफ कर दिया कि यमन की राष्ट्रीय सेना हुती विद्रोहियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब 14 जुलाई 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने रेड सी में हुती हमलों की रिपोर्टिंग को 15 जनवरी 2027 तक बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया है। सरकार का पूरा ध्यान अब बाकी क्षेत्रों को आजाद कराने और स्थिति को नियंत्रित करने पर है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.