यमन में इन दिनों डेंगू का बुखार तेजी से फैल रहा है, जिससे पहले से ही संघर्ष कर रही वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव आ गया है। नेशनल मलेरिया कंट्रोल प्रोग्राम (NMCP) के कर्मी जैसे सलेम बिन शब्ज इलाकों में जाकर मच्छरों के पनपने वाली जगहों की जांच कर रहे हैं। वे पानी के नमूनों में मलेरिया और डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा की पहचान करने में जुटे हैं।

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अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़

मुकल्ला के इब्न सीना अस्पताल के लैब प्रमुख मोहम्मद ओमर के अनुसार, मई के महीने में अस्पताल में एक ही दिन में 60 से ज्यादा डेंगू के संदिग्ध मरीज आए थे। इससे अस्पताल के सीमित संसाधनों पर बहुत ज्यादा बोझ बढ़ गया। एडन स्थित इलेक्ट्रॉनिक इंटीग्रेटेड डिजीज अर्ली वार्निंग सिस्टम (eIDEWS) के आंकड़ों के मुताबिक, 4 जनवरी से 18 जुलाई 2026 के बीच 7,815 संदिग्ध केस दर्ज किए गए हैं और 33 लोगों की मौत हुई है।

सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके

डेंगू के मामलों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:

स्थान केस की संख्या
Hadramout 2,204
Aden 1,639
Abyan 962
Shabwa 951
Taiz 770

इस साल की पहली छमाही में 5,700 से ज्यादा मामले सामने आए और 30 लोगों की मौत दर्ज की गई, जिसमें अकेले एडन में 15 लोगों ने दम तोड़ दिया। ताइज प्रांत के स्वास्थ्य अधिकारी तैसिर अल-सामी ने बताया कि बारिश के मौसम में यह बीमारी और भी फैल सकती है। सरकार की तरफ से मच्छरों को मारने वाली दवा का छिड़काव और स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग देने का काम जारी है, लेकिन पुरानी गंदगी और साफ पानी के जमाव के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.