यमन में बिजली का बड़ा संकट खड़ा हो गया है और इस संकट से निपटने के लिए पड़ोसी देश सऊदी अरब ने बड़ा सहारा दिया है। यमन के बिजली और ऊर्जा मंत्रालय ने सऊदी अरब की इस महत्वपूर्ण मदद के लिए गहरा आभार जताया है, जिससे यमन के बिजली सिस्टम को पूरी तरह ठप होने से बचाया जा सकेगा। दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल के बाद अब यमन में ईंधन की आपातकालीन सप्लाई शुरू कर दी गई है ताकि आम लोगों को इस भीषण संकट से राहत मिल सके।
सऊदी अरब से यमन को क्या मदद मिल रही है?
यमन के बिजली और ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, बिजली स्टेशनों को चालू रखने के लिए सऊदी अरब से डीजल और माज़ुत ईंधन तेल की आपातकालीन खेप मंगवाई जा रही है। यह सप्लाई 9 जून 2026 से यमन पहुंचना शुरू हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दो हफ्तों में इस सप्लाई को और बढ़ाया जाएगा ताकि साल के अंत तक यमन में बिजली की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जा सके। इससे पहले मई 2026 के आखिरी हफ्ते में सऊदी अरब ने यमन के अलग-अलग राज्यों में बिजली पैदा करने के लिए 150 मिलियन डॉलर (करीब 15 करोड़ डॉलर) के पेट्रोलियम ईंधन की मदद देने की घोषणा की थी।
इस मदद से किन इलाकों को राहत मिलेगी?
यमन के अदन और हद्रमौत जैसे प्रमुख शहरों में बिजली की भारी किल्लत चल रही थी, जिसके कारण स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। इस संकट को देखते हुए यमन के प्रधानमंत्री डॉ. शाया अल-जिंदानी ने पुष्टि की है कि सऊदी अरब की मदद अब जमीनी स्तर पर लागू होना शुरू हो गई है और जरूरी ईंधन यमन पहुंचने लगा है। सरकार बिजली स्टेशनों की तकनीकी क्षमता सुधारने और बिजली कटौती के घंटों को कम करने के लिए लगातार काम कर रही है। यमन के राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने भी इस संकट के समय में मदद के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व की सराहना की है।
मदद पहुंचाने में कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
- यह मानवीय मदद सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-सऊद और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सीधे निर्देशों पर दी जा रही है।
- सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान इस राहत पैकेज की पूरी निगरानी कर रहे हैं।
- इस ईंधन सहायता को ‘सऊदी प्रोग्राम फॉर यमन्स डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन’ (SPYDR) के जरिए यमन के प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमन में बिजली संकट दूर करने के लिए सऊदी अरब ने क्या मदद दी है?
सऊदी अरब यमन को डीजल और माज़ुत ईंधन तेल की आपातकालीन खेप भेज रहा है। इससे पहले सऊदी ने यमन के बिजली स्टेशनों को चलाने के लिए 150 मिलियन डॉलर के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स देने की घोषणा की थी।
सऊदी अरब से आ रहा ईंधन यमन में कब तक पहुंचेगा?
यह ईंधन 9 जून 2026 से यमन पहुंचना शुरू हो गया है और अगले दो हफ्तों में इसकी मात्रा बढ़ाई जाएगी ताकि साल के अंत तक बिजली सेवाएं चालू रखी जा सकें।
