ईरान द्वारा यमन की संप्रभुता के उल्लंघन को लेकर यमन में एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई है। इस बैठक का मुख्य मकसद ईरान की उन हालिया हरकतों पर चर्चा करना है, जिन्हें यमन की आजादी और अधिकारों पर सीधा हमला माना जा रहा है। सऊदी अरब की अख़बार24 की रिपोर्ट में इस बैठक की जानकारी दी गई है।
हवाई क्षेत्र में तनाव और हुथियों की चेतावनी
हालिया घटनाक्रम में 3 जुलाई 2026 को हुथी विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के उन विमानों का सामना किया जो एक ईरानी नागरिक विमान को सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। बताया गया कि यह ईरानी विमान ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खमनेई के जनाज़े में शामिल होने जा रहे हुथी प्रतिनिधिमंडल को लेकर आया था। हुथियों ने सऊदी अरब को चेतावनी दी है कि अगर हवाई क्षेत्र का उल्लंघन या यमन के खिलाफ हमले जारी रहे, तो वे सऊदी हवाई अड्डों और जरूरी संपत्तियों को निशाना बनाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की घेराबंदी
यमन के साथ-साथ पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। 2 जुलाई 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) ने एक आपातकालीन सत्र आयोजित किया। इसमें बहरीन और कुवैत पर ईरान के हमलों पर चर्चा हुई। अमेरिका के राजदूत माइक वाल्ट्ज ने ईरान पर वॉशिंगटन के साथ हुए समझौते का उल्लंघन करने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में यातायात बाधित करने का आरोप लगाया।
यमन सरकार का कड़ा रुख
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने ईरान की नीतियों की लगातार निंदा की है। सरकार का कहना है कि ईरान हुथी मिलिशिया को समर्थन देकर इस पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैलाना चाहता है। 28 मार्च 2026 को जारी एक बयान में सरकार ने चेतावनी दी थी कि हुथी समूह का सैन्य हस्तक्षेप यमन की संप्रभुता के लिए सीधा खतरा है और यह राज्य की संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश है।
- मार्च 2026: यमन सरकार ने कहा कि युद्ध और शांति के फैसले लेने का अधिकार केवल राज्य के पास है।
- फरवरी 2020: प्रधानमंत्री माईन अब्दुलमलिक ने अमेरिकी नौसेना द्वारा पकड़ी गई ईरानी हथियारों की खेप को ईरान के हस्तक्षेप का सबूत बताया था।
- जून 2026: यमन सरकार ने कुवैत और बहरीन पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की थी।
यमन सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे ईरान के इन उल्लंघनों के खिलाफ सख्त कदम उठाएं और विदेशी हस्तक्षेप को रोकने के लिए दबाव डालें।
