Yemen Crisis: यमन में बढ़ते संघर्ष ने बढ़ाई चिंता, खाने-पीने की चीजें हुईं महंगी और भुखमरी के कगार पर लोग.

Nura Basta18 September 20262 min read21 viewsYemen
Yemen Crisis: यमन में बढ़ते संघर्ष ने बढ़ाई चिंता, खाने-पीने की चीजें हुईं महंगी और भुखमरी के कगार पर लोग.

यमन में चल रहे सैन्य संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव की वजह से आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस हिंसा के कारण आटा, चीनी और चावल जैसी जरूरी खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम परिवार दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने में भी असमर्थ नजर आ रहे हैं। बिगड़ते हालातों के बीच मानवीय संकट गहराता जा रहा है और आम जनता बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

हिंसा और विस्थापन की डरावनी तस्वीर

17 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिमी तट पर तेज हुई लड़ाई की वजह से करीब 125,000 लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। इस भारी विस्थापन को देखते हुए World Food Programme (WFP) ने अपने आपातकालीन अभियानों को और ज्यादा बढ़ा दिया है। बंदरगाह शहर मोखा में झड़पों के कारण हालात बेहद खराब हो गए हैं, जो 10 सितंबर 2026 से हाउती के नियंत्रण में है। इन झड़पों की वजह से 49 खाद्य वितरण केंद्र तक पहुंचना नामुमकिन हो गया है और डब्ल्यूएफपी के परिसरों को भी नुकसान पहुंचा है।

यमन में डब्ल्यूएफपी के प्रतिनिधि और देश निदेशक एल-खिदिर डलौम ने चेतावनी दी है कि संघर्ष के फैलने से जरूरी बाजार तबाह हो रहे हैं और लाखों लोगों के लिए भोजन तक पहुंचना मुश्किल होता जा रहा है। International Organization for Migration (IOM) के आंकड़ों से साफ होता है कि सितंबर 2026 की शुरुआत से अब तक 85,818 लोग विस्थापित हुए हैं। वहीं UNICEF की रिपोर्ट बताती है कि 3 सितंबर 2026 के बाद से 104,000 से ज्यादा लोग अपने घरों से भाग चुके हैं, जिनमें 57,000 बच्चे भी शामिल हैं। इस बढ़ोतरी से पहले डब्ल्यूएफपी और एफएओ की जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि फरवरी 2026 के बाद से सना शहर में खाने-पीने की चीजों के दाम पहले ही 13 प्रतिशत बढ़ चुके थे।

भुखमरी और कुपोषण का गंभीर संकट

डब्ल्यूएफपी के अनुमान के मुताबिक, यमन की कुल आबादी के लगभग आधे यानी 18 मिलियन से अधिक लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। बच्चों के लिए यह संकट और भी ज्यादा खतरनाक रूप ले चुका है, जहां पांच साल से कम उम्र के 2.2 मिलियन बच्चे गंभीर कुपोषण से पीड़ित हैं। इनमें से 500,000 बच्चों को गंभीर कुपोषण के इलाज की सख्त जरूरत है। FAO, डब्ल्यूएफपी और यूनिसेफ जैसी मानवीय एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में लगभग 47 प्रतिशत आबादी उच्च स्तर की खाद्य असुरक्षा से जूझ रही है। साल 2026 के अंत तक इन हालातों के और ज्यादा बिगड़ने की आशंका जताई गई है।

साल 2027 तक जरूरी सहायता, पोषण कार्यक्रमों और स्कूल के भोजन को चालू रखने के लिए डब्ल्यूएफपी को 274 मिलियन अमेरिकी डॉलर के अतिरिक्त फंड की आवश्यकता है। इस गंभीर स्थिति के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप ReliefWeb Report पर जा सकते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment