Yemen News: यमनी बलों ने बलक क्षेत्र में 15 से ज्यादा हूती लड़ाकों को किया ढेर, संघर्ष हुआ और तेज.

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है जहाँ सरकारी बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 से अधिक हूती लड़ाकों को मार गिराया है और कई अन्य घायल हो गए हैं। यह पूरी घटना 11 अगस्त 2026 को यमन के बलक क्षेत्र में हुई जहाँ दोनों पक्षों के बीच भयंकर झड़प देखने को मिली। इस बात की जानकारी SaudiNews50 के माध्यम से सामने आई है जो यमन में बढ़ते तनाव को साफ तौर पर बयां करती है। पिछले कुछ दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है जो आम जनता के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।
यमन में लगातार बढ़ रहा है सैन्य तनाव और हमलों का दौर
बलक क्षेत्र में हुई इस हिंसा से कुछ दिन पहले ही यमन में सैन्य गतिविधियों में भारी तेजी दर्ज की गई थी। इससे ठीक पहले 10 अगस्त को हूती बलों ने सरकारी ठिकानों पर अब तक के सबसे खतरनाक हमलों में से एक को अंजाम दिया था। इन हमलों में कई चरणों में मिसाइलें और रॉकेट दागे गए जिससे सरकारी बलों के कई जवानों की जान चली गई और कई लोग बुरी तरह घायल हो गए। इसके अलावा 9 अगस्त को हूती विद्रोहियों ने यमन के दक्षिण-पश्चिम बंदरगाह शहर मोखा में सऊदी बलों और हथियारों के गोदामों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से बड़ा हमला करने का दावा किया था। एक मेडिकल सूत्र के मुताबिक इस हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी और महिलाओं तथा बच्चों समेत 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
अधिकारियों का बयान और अंतरराष्ट्रीय चिंता
यमीनी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि उनकी तरफ से की जा रही ये सैन्य कार्रवाई आम नागरिकों और सैनिकों पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे लगातार हमलों का जवाब देने के लिए जरूरी हो गई थी। वहीं दूसरी ओर हूती प्रवक्ताओं का यह तर्क सामने आया है कि उनकी तरफ से उठाए जा रहे ये कदम सऊदी समर्थित ताकतों द्वारा सैन्य ताकत बढ़ाने के जवाब में उठाए जा रहे हैं। इस बिगड़ते हालात को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के दूत Hans Grundberg ने 8 अगस्त को चेतावनी दी थी कि अप्रैल 2022 में हुआ संघर्षविराम समझौता टूटने के बाद से यमन एक बार फिर से बड़े पैमाने पर फैलने वाले युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। इस मामले पर अमेरिका के मिशन ने भी हूती हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे आतंकवाद करार दिया है जिससे यह साफ होता है कि इस क्षेत्र की सुरक्षा और दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी बड़ी चिंता बनी हुई है। इस पूरी खबर के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए आप मूल स्रोत यहां देख सकते हैं।