यमन की सशस्त्र सेनाओं ने 31 जुलाई 2026 को बड़ा कदम उठाते हुए सऊदी अरब के 8 तेल टैंकरों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर कर दिया। इन जहाजों को अब केप ऑफ गुड होप की ओर जाना पड़ रहा है। यमनी सेना के प्रवक्ता Yahya Saree ने साफ किया कि जब तक रियाद यमन पर लगा अपना घेराव खत्म नहीं करता, तब तक सऊदी ठिकानों पर यह समुद्री नाकेबंदी जारी रहेगी।
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सऊदी तेल निर्यात में भारी गिरावट
इस सैन्य तनाव का असर सऊदी अरब के तेल निर्यात पर साफ दिखने लगा है। 26 जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, रेड सी स्थित Yanbu पोर्ट पर तेल लोडिंग में 40 प्रतिशत की भारी कमी आई है। हाल ही में Aramco की एक सुविधा पर हुए मिसाइल हमले के बाद से हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन और सैन्य तैयारी
सऊदी अरब ने इस स्थिति से निपटने के लिए एक बड़ी सैन्य तैयारी शुरू कर दी है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने 30 जुलाई 2026 को 43 देशों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, ताकि रेड सी में जहाजों की सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन बनाया जा सके। वहीं, यमन में लाखों लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपनी सेना की ‘ब्लॉकेड फॉर ब्लॉकेड’ नीति का खुलकर समर्थन किया है।
