Yemen का बड़ा ऐलान, अब देश के संसाधन और समुद्र ईरान के किसी भी एजेंडे के लिए नहीं होंगे इस्तेमाल.

Aanya14 August 20262 min read83 viewsYemen
Yemen का बड़ा ऐलान, अब देश के संसाधन और समुद्र ईरान के किसी भी एजेंडे के लिए नहीं होंगे इस्तेमाल.

यमन के विदेश मंत्री डॉ. अफराह अल-जोउबा ने 14 अगस्त 2026 को यह स्पष्ट कर दिया है कि यमन के रणनीतिक संसाधन और समुद्री रास्ते अब ईरान के क्षेत्रीय एजेंडे की वजह से किसी भी अनिश्चित संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यमन को अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता में एक हिस्सेदारी निभाने वाले देश के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी संकट के केंद्र के रूप में। इस बयान के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार उन हूती विद्रोहियों से अपनी संप्रभुता वापस पाने की कोशिश में जुटी है, जिन्हें तेहरान का समर्थन प्राप्त है। इस बारे में अधिक जानकारी Saudi Press Agency (SPA) पर दी गई है।

समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव

यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब खाड़ी देशों में तनाव लगातार बढ़ रहा है। यमन के अधिकारियों ने कई बार यह चेतावनी दी है कि हूती विद्रोहियों द्वारा कमर्शियल शिपिंग यानी व्यापारिक जहाजों पर किए जाने वाले हमले सीधे तौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के इशारे पर हो रहे हैं ताकि समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाला जा सके। दूसरी ओर, सऊदी अरब अपनी रक्षात्मक तैयारियों को लगातार मजबूत कर रहा है और लाल सागर तथा बाब अल-मंदेब में शिपिंग रूट्स की सुरक्षा के लिए एक बहुराष्ट्रीय नौसेना गठबंधन का दायरा बढ़ा रहा है। इस संबंध में पहले भी रिपोर्ट सामने आ चुकी है जिसे SPA द्वारा साझा किया गया था।

जबकि ईरानी अधिकारियों का यह तर्क रहा है कि युद्ध के दौरान समुद्री मार्गों पर उनका नियंत्रण जरूरी है, वहीं पड़ोसी देश क्षेत्रीय सुरक्षा को बाहरी दखਲंदाजी से बचाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर पूरी तरह कायम हैं। इस मुद्दे पर यमन के प्रधानमंत्री ने भी लाल सागर में हूती हमलों को ईरान का एजेंडा बताया था और इसके खिलाफ वैश्विक कार्रवाई की मांग की थी, जिसकी विस्तृत जानकारी ANI News पर उपलब्ध है। इन लगातार हमलों और बढ़ते तनाव के बीच आम लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर क्या कदम उठाता है।

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