Yemen Crisis: यमन सरकार ने लाल सागर में सुरक्षा के लिए मांगी वैश्विक मदद, कहा सिर्फ हमारा काम नहीं

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार ने 14 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया। इस बयान में साफ कहा गया कि लाल सागर और باب المندب (बाबु अल-मदब) जलडमरूमध्य में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना केवल यमन की जिम्मेदारी नहीं है। यह एक साझा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि सीमा पार के खतरों से निपटने के लिए एक संयुक्त सामूहिक रुख की बहुत जरूरत है। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों पर हूती हमलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
क्षेत्रीय स्थिरता और जहाजों पर हमले
सहयोग की यह मांग हाल ही में बढ़ी क्षेत्रीय अस्थिरता के बाद सामने आई है। मोखा के पास मालवाहक पोत 'Tihamah' पर हुए हालिया हमले ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। इस हमले में कई लोगों की मौत हुई और जहाजों को काफी नुकसान पहुंचा। यमन सरकार का मानना है कि हूती संगठनों के ये ऑपरेशन राष्ट्रीय हितों और वैश्विक व्यापार दोनों के लिए सीधा खतरा पैदा कर रहे हैं। इसके कारण यमन के समुद्री सुरक्षा संस्थानों को मजबूत समर्थन देने की आवश्यकता है। इन तमाम खतरों से निपटने के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व में 14 देशों का एक बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन बनाया गया है। इस गठबंधन का मुख्य काम महत्वपूर्ण ऊर्जा और वाणिज्यिक मार्गों को सुरक्षित करना है, जिसका यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद ने आधिकारिक रूप से स्वागत किया है।