23 जुलाई 2026 को यमन की मान्यता प्राप्त सरकार ने लाल सागर में समुद्री जहाजों पर हो रहे हमलों की निंदा की है। हूती मिलिशिया द्वारा किए जा रहे इन हमलों को सरकार ने आतंकवादी कार्रवाई करार दिया है। सरकार ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने वाली इन हरकतों को रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
क्या है पूरा मामला
हूती विद्रोही लगातार समुद्री रास्तों पर हमले कर रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है। हाल ही में सऊदी अरब के NCC MASA जहाज को नुकसान पहुँचा है और तेल टैंकर Encelia के अगले हिस्से में आग लगने की घटना सामने आई है। हूती गुट ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का दावा करते हुए इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। यमन सरकार ने हूती गुट के इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है और कहा है कि Hodeidah सहित यमन के सभी बंदरगाह व्यापार और मानवीय सहायता के लिए पूरी तरह खुले हैं।
सऊदी गठबंधन की जवाबी कार्रवाई
इन हमलों के जवाब में 24 जुलाई को सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के Hodeidah गवर्नरट में हूती ठिकानों पर जोरदार सैन्य हमले किए। गठबंधन का कहना है कि यह कार्रवाई बहुत सटीक थी और इसमें बंदरगाह को निशाना नहीं बनाया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इन हमलों का विरोध हो रहा है। IMO, African Union, ब्रिटेन, जर्मनी और अल्जीरिया जैसे देशों ने इसे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए खतरनाक बताया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Trump ने भी चेतावनी दी है कि यदि ये हमले जारी रहे, तो हूतियों को बड़े सैन्य परिणाम भुगतने होंगे।
