यमन में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हूथी विद्रोहियों ने सना से तेहरान के लिए फ्लाइट्स शुरू की हैं, जिसे वे बीमारों और घायलों की मदद बता रहे हैं। लेकिन यमन की मान्यता प्राप्त सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है और इसे ईरान का राजनीतिक एजेंडा बताया है।

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ईरान से सीधी उड़ान पर विवाद

3 जुलाई 2026 को हूथी ग्रुप ने एलान किया कि वे सना और तेहरान के बीच उड़ानें जारी रखेंगे। उनका दावा था कि यह कदम नाकेबंदी तोड़ने और फंसे हुए यमनी लोगों और मरीजों की मदद के लिए है। हूथियों ने यह भी आरोप लगाया कि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के विमानों ने एक ईरानी नागरिक विमान को सना एयरपोर्ट पर उतरने से रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्हें नाकाम होना पड़ा।

इस विमान के जरिए हूथी नेताओं का एक बड़ा दल ईरान गया था, जहाँ उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खमनेई के जनाजे में शिरकत की। हूथियों ने चेतावनी दी कि अगर सऊदी अरब ने उनके हवाई क्षेत्र में दखल दिया, तो वे सऊदी एयरपोर्ट्स और वहां की जरूरी संपत्तियों पर बड़ा हमला करेंगे।

यमन सरकार का कड़ा विरोध

4 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी की अध्यक्षता में Presidential Leadership Council (PLC) की आपात बैठक हुई। सरकार ने ईरान से सना की सीधी उड़ान को यमन की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया। PLC ने कहा कि हूथी समूह पूरी तरह से तेहरान के इशारों पर काम कर रहा है और वह यमनी लोगों की भलाई के बजाय ईरान के राजनीतिक हितों को ऊपर रख रहा है।

सरकार का कहना है कि हूथी लोग सरकारी हवाई अड्डों का इस्तेमाल अपने निजी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कर रहे हैं, जिससे देश की सुरक्षा को खतरा है। यमन सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और क्षेत्रीय सहयोगियों से मांग की है कि इन अनधिकृत उड़ानों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और इन रास्तों पर नजर रखी जाए।

सऊदी गठबंधन की चेतावनी

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने कहा कि अगर सऊदी अरब को निशाना बनाने या यमन की संप्रभुता को चोट पहुंचाने की कोशिश हुई, तो इसका जवाब बहुत ताकत और सख्ती से दिया जाएगा। उन्होंने हूथियों की धमकियों को जनता का ध्यान भटकाने वाला तरीका बताया।

पुरानी विवादित बातें

  • फरवरी 2026 में UN ने सना के लिए सहायता उड़ानों को दोबारा शुरू करवाया था ताकि NGO कर्मचारी वहां पहुंच सकें।
  • ऐसी खबरें आई हैं कि हूथी विद्रोहियों ने अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों पर पाबंदियां लगाई हैं और मदद के सामान को अपने वफादारों में बांट दिया है।
  • अगस्त 2024 में सरकार और हूथियों के बीच आर्थिक और मानवीय मुद्दों पर एक विशेष समझौता हुआ था, लेकिन उसकी कानूनी मान्यता पर अब भी सवाल हैं।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.