यमन में सालों से चल रही जंग के बीच एक बड़ी राहत की खबर आई है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और हुथी विद्रोहियों ने जॉर्डन के अम्मान में एक समझौते पर दस्तखत किए हैं। इस डील के तहत 1,600 से ज्यादा कैदियों को रिहा किया जाएगा, जो कि इस युद्ध की शुरुआत से अब तक का सबसे बड़ा प्रिजनर एक्सचेंज है।

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इस समझौते में कितने कैदी रिहा होंगे और कौन-कौन शामिल है?

इस समझौते के तहत कुल 1,728 से 1,750 कैदियों को रिहा करने की तैयारी है। इस डील की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • हुथी समूह: हुथी 580 कैदियों को रिहा करेंगे, जिनमें 7 सऊदी अरब और 20 सूडान के नागरिक शामिल हैं।
  • यमन सरकार: सरकार की तरफ से 1,100 हुथी कैदियों को रिहा किया जाएगा।
  • शामिल लोग: रिहा होने वालों में अरब गठबंधन के सदस्य, सुरक्षा बल, सेना के जवान, राजनीतिज्ञ और पत्रकार शामिल हैं जो हुथी जेलों में बंद थे।

यमन सरकार के बातचीत दल के डिप्टी हेड याह्या काज़मान ने इसे कैदियों और गायब हुए लोगों की फाइल में अब तक का सबसे बड़ा सौदा बताया है। हुथी सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल के प्रमुख महदी अल-मशात ने भी इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि कहा है।

यह समझौता कैसे हुआ और अब आगे क्या होगा?

यह समझौता संयुक्त राष्ट्र (UN) के सहयोग से जॉर्डन की राजधानी अम्मान में हुआ। इस डील तक पहुँचने के लिए 5 फरवरी से 6 मई 2026 तक करीब 14 हफ्तों तक बातचीत चली। इससे पहले दिसंबर 2025 में ओमान के मस्कट में भी एक प्राथमिक समझौता हुआ था।

UN के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने इस उपलब्धि की तारीफ की है। इस पूरी प्रक्रिया को इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) संभाल रही है, जो कैदियों की घर वापसी और बाकी जरूरी इंतजाम करेगी। यह समझौता एक बड़े “all-for-all” एक्सचेंज प्लान का पहला हिस्सा है। दोनों पक्ष आगे और कैदियों की रिहाई और जेलों के आपसी दौरे पर बात करने के लिए सहमत हुए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यमन में कैदियों की रिहाई का यह समझौता कहाँ और कब हुआ?

यह समझौता 14 मई 2026 को जॉर्डन के अम्मान शहर में हुआ। इसके लिए UN के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग की निगरानी में कई हफ्तों तक बातचीत चली थी।

इस डील में सऊदी और सूडान के कितने लोग रिहा होंगे?

हुथी समूह द्वारा रिहा किए जाने वाले 580 कैदियों में 7 सऊदी अरब और 20 सूडान के नागरिक शामिल हैं।