यमन की सरकार ने हूती विद्रोहियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी संगठन के रूप में फिर से वर्गीकृत कर दिया है। यह फैसला 23 जुलाई 2026 को लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों Encelia और Layla पर हुए हमले के बाद लिया गया है। हूती समूह ने माना कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल कर इन टैंकरों को निशाना बनाया।
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हमले की पूरी जानकारी
हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने दावा किया कि यह हमला सऊदी अरब द्वारा यमनी बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में किया गया। UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने पुष्टि की कि सऊदी अरब के Al Shuqaiq से लगभग 70 नॉटिकल मील दूर एक तेल टैंकर को अज्ञात मिसाइल से मारा गया जिससे आग लग गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है और सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित बताए गए हैं।
आतंकवादी संगठन के रूप में पुरानी स्थिति
यमन सरकार ने बताया कि हूती लगातार नागरिक जहाजों, कमर्शियल टैंकरों और तेल सुविधाओं को निशाना बना रहे हैं। अमेरिका ने पहले ही 17 जनवरी 2024 को हूती समूह को Specially Designated Global Terrorist (SDGT) घोषित किया था ताकि उनके फंडिंग और वित्तीय रास्तों को रोका जा सके। हूती विद्रोहियों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपनी इस कार्रवाई के दौरान लगभग 10 अन्य जहाजों को वापस मुड़ने पर मजबूर किया है।
