यमन की Presidential Leadership Council के प्रमुख Dr. Rashad Al-Alimi ने 20 जुलाई 2026 को देश की मौजूदा स्थिति को लेकर बड़ा संबोधन दिया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि यमन के लोग सालों से जो मुसीबतें झेल रहे हैं, उसके पीछे Houthi militia की गलत नीतियां हैं। इस दौरान उन्होंने वेतन कटौती, आर्थिक तंगी और लोगों के विस्थापन जैसे गंभीर मुद्दों का जिक्र किया।

तेल निर्यात की बहाली

लोगों की परेशानियों को कम करने और सरकारी खजाना भरने के लिए यमन सरकार ने तेल निर्यात (oil exports) को तुरंत प्रभाव से फिर शुरू कर दिया है। यह निर्यात साल 2022 से हुती हमलों की वजह से बंद था। अब इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल वेतन देने, बुनियादी सुविधाएं सुधारने और सरकारी बजट को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। Dr. Al-Alimi ने देश के सभी कबीलों और सेना से अपील की कि वे एकजुट होकर देश की सुरक्षा करें।

सऊदी अरब का रुख

हुती मिलिशिया ने हाल ही में सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी की धमकी दी थी। इस पर सऊदी विदेश मंत्रालय ने जवाब देते हुए कहा कि वे यमन की वैध सरकार के साथ हैं। मंत्रालय के अनुसार, साल 2026 की पहली छमाही में ही यमन के Hodeidah, Saleef और Ras Issa बंदरगाहों पर 300 से ज्यादा जहाज पहुंचे हैं। इन जहाजों में खाना, ईंधन और निर्माण सामग्री की सप्लाई की गई, जो UN Security Council Resolution 2216 के नियमों के मुताबिक है। यमन के रक्षा मंत्री Lieutenant General Tahir Al-Aqili ने भी साफ कर दिया है कि सेना किसी भी तरह के खतरे का सामना करने के लिए तैयार है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.