यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। सरकार ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह यमन और पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में धकेलने की कोशिश कर रहा है। 28 मार्च 2026 को जारी इस बयान में सरकार ने साफ़ कर दिया है कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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ईरान और हूतियों पर सरकार के मुख्य आरोप

यमन सरकार ने ईरान की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं और हूतियों के कार्यों की निंदा की है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी को नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:

विषय विवरण
ईरान का उद्देश्य यमन की संप्रभुता को खत्म करना और अपने एजेंडे को थोपना
हूतियों की भूमिका ईरानी निर्देशों पर काम करना और यमन को संघर्ष में धकेलना
सुरक्षा जोखिम राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा और मानवीय संकट का बढ़ना
युद्ध का अधिकार शांति और युद्ध का फैसला केवल यमन सरकार का अधिकार है

आम नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

सरकार ने यमन के लोगों से आग्रह किया है कि वे बाहरी ताकतों के हितों के लिए होने वाली भर्ती और युद्धों से दूर रहें। सरकार ने अपनी जिम्मेदारी दोहराते हुए कहा है कि वह नागरिकों की सुरक्षा और देश की सीमाओं की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी मांग की गई है कि वे यमन के आंतरिक मामलों में ईरानी हस्तक्षेप के खिलाफ सख्त रुख अपनाएं और हूती मिलिशिया पर दबाव बढ़ाएं ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.