यमन के सूचना मंत्री ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की अपील की है। सरकार का आरोप है कि ईरान लगातार हुती विद्रोहियों को सैन्य विशेषज्ञ और हथियारों की तस्करी कर रहा है, जो क्षेत्र की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। इस मामले में सरकार ने सभी देशों से एकजुट होकर इन गतिविधियों को रोकने की मांग की है।
हथियारों और सैन्य विशेषज्ञों की तस्करी का आरोप
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 जुलाई के आसपास ईरान ने अपने रेवोल्यूशनरी गार्ड के सैन्य सलाहकारों और मिसाइल उपकरणों को हुती विद्रोहियों तक पहुँचाया था। जानकारी के मुताबिक, Mahan Air की एक फ्लाइट के जरिए 10 से 21 ईरानी अधिकारियों को सना भेजा गया था, लेकिन हवाई हमलों के कारण उन्हें होदेइदाह की ओर डायवर्ट करना पड़ा। वहीं, 10 जुलाई को तेहरान से सना आई एक संदिग्ध फ्लाइट पर भी यमन की सरकार ने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
वैश्विक व्यापार और सुरक्षा पर असर
यमन के सूचना मंत्री Muammar Al-Eryani ने 25 जुलाई को चेतावनी दी थी कि ईरान समर्थित हुती विद्रोही वैश्विक समुद्री मार्गों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। उनका कहना है कि ये गतिविधियाँ केवल यमन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी 14 जुलाई को अमेरिका की प्रतिनिधि Tammy Bruce ने ईरान पर कूटनीतिक आड़ में ड्रोन और मिसाइल विशेषज्ञों को भेजने का सीधा आरोप लगाया था।
