यमन के मारिब और अल-जौफ प्रांतों में शनिवार, 25 जुलाई 2026 को जोरदार हवाई हमले हुए। इन हमलों में हुती विद्रोहियों के मिसाइल साइटों और लॉन्च पैड को निशाना बनाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जबल जुराह और अल-शाहला जैसे इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिनका मकसद हुती समूह की सैन्य ताकत को कमजोर करना था।
क्षेत्रीय तनाव में बढ़ोतरी
यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है। इससे एक दिन पहले यानी 24 जुलाई 2026 को सऊदी गठबंधन की सेना ने होदेइदा और कमरान द्वीप पर हुती ठिकानों को निशाना बनाया था। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की ने इसे लाल सागर में सऊदी से जुड़े जहाजों पर हुए हमलों का जवाब बताया। इन हमलों में हुती टीवी चैनल अल-मसीराह के अनुसार दो लोग घायल हुए थे।
हुतियों का पलटवार और चेतावनी
जवाबी कार्रवाई में हुती विद्रोहियों ने शनिवार सुबह सऊदी अरब के जिजान शहर पर मिसाइल दागने का दावा किया। इस हमले के बाद वहां आग लगने की घटनाएं सामने आईं और सऊदी नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने अलर्ट जारी किया। हुती विदेश मंत्रालय ने इस स्थिति को ‘एस्केलेशन फॉर एस्केलेशन’ यानी हमले के बदले हमले का दौर बताया है। अभी तक इन हमलों के पीछे के जिम्मेदार पक्ष या जान-माल के नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
