Yemen में हूती का बड़ा हमला, अल-मखा बंदरगाह पर दागी मिसाइलें और ड्रोन, चार सैनिकों समेत 7 की मौत.

Aanya16 August 20263 min read93 viewsYemen
Yemen में हूती का बड़ा हमला, अल-मखा बंदरगाह पर दागी मिसाइलें और ड्रोन, चार सैनिकों समेत 7 की मौत.

लाल सागर के पास चल रहे तनाव के बीच यमन से एक बड़ी और दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण वाले ऐतिहासिक बंदरगाह अल-मखा पर हूती विद्रोहियों ने भयानक हमला कर दिया है। इस खतरनाक हमले में चार सैनिकों और तीन आम नागरिकों समेत कुल सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 15 लोग बुरी तरह घायल बताए जा रहे हैं। यमन सरकार के सैन्य प्रवक्ता ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि यह हमला बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया गया था जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

बंदरगाह पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला

हूती विद्रोहियों ने रविवार को अपनी पुरानी हरकतों को दोहराते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और विस्फोटक से पूरी तरह लदे हुए ड्रोन का इस्तेमाल किया। इन हथियारों से सीधे बंदरगाह परिसर को निशाना बनाया गया, जिससे इलाके में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके सुने गए। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक लोग सहम गए और देखते ही देखते पूरे बंदरगाह इलाके में भीषण आग लग गई। हमले के तुरंत बाद आसमान में काले धुएं के बड़े-बड़े गुबार और ऊंची-ऊंची लपटें उठती हुई साफ देखी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हूती की मिसाइलें एक स्थानीय टेलीविजन केंद्र के मुख्यालय और एक सरकारी इमारत के बेहद करीब आकर गिरीं, जिससे वहां अफरातफरी का माहौल बन गया।

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हूती संगठन और उसकी पृष्ठभूमि

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हूती, जिसे अंसार अल्लाह के नाम से भी जाना जाता है, यमन का एक चरमपंथी, राजनीतिक और सैन्य संगठन है। यह मुख्य रूप से यमन के उत्तरी हिस्से में रहने वाले जैदी शिया मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है। इस संगठन को सीधे तौर पर ईरान का समर्थन मिलता है, जिसके कारण मध्य पूर्व में तनाव हमेशा बना रहता है। इस खतरनाक गतिविधियों को देखते हुए अमेरिका, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE जैसे बड़े देश पहले ही हूती को एक आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं। इस हमले के बाद स्थानीय लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों में भी काफी ज्यादा डर का माहौल पैदा हो गया है, क्योंकि इस तरह की हिंसा से क्षेत्र की शांति और सुरक्षा दांव पर लग जाती है।

सेना का कड़ा जवाब और आपातकालीन बैठक

यमन सरकार के सैन्य प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि भले ही यह हमला खतरनाक था, लेकिन देश की वायु रक्षा प्रणाली ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए हूती के कुल 11 ड्रोन हवा में ही मार गिराए। बंदरगाह के निदेशक अब्दुल मलिक अल-शराबी ने भी इन हमलों की पूरी पुष्टि की है। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए बंदरगाह की देखरेख करने वाले यमन के परिवहन मंत्रालय ने तुरंत एक आपातकालीन वर्चुअल बैठक बुलाई। इस ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता परिवहन मंत्री मोहसेन अली हैदराह ने की, जिसमें सभी अधिकारियों ने मिलकर इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की। दूसरी तरफ, हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने खुद सामने आकर इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और कबूला है कि उन्होंने ही यह तबाही मचाई है।

हिंसा का नया दौर शुरू

यमन में हिंसा का यह नया दौर पिछले गुरुवार से शुरू हुआ है, जब हूती ने मारिब और हद्रमौत में यमनी सेना के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर अचानक हमले बोल दिए थे। इन लगातार हमलों का करारा जवाब देते हुए यमन की सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की और हूती के सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ बमबारी शुरू कर दी। इस ताजा घटनाक्रम के बारे में अधिक जानकारी और अंतरराष्ट्रीय अपडेट के लिए आप Jagran की रिपोर्ट देख सकते हैं। इस प्रकार की घटनाओं से यह साफ हो जाता है कि यमन में हालात कितनी तेजी से बिगड़ रहे हैं, जिसका असर वहां के आम जनजीवन पर पड़ रहा है।

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