Yemen Attack: बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाज पर हुआ बड़ा हमला, तीन पाकिस्तानी नागरिकों समेत चार की मौत.

यमन के परिवहन मंत्रालय ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद मरने वालों की संख्या को बढ़ाकर चार कर दिया है। इस भयानक हमले में जान गंवाने वालों में तीन पाकिस्तानी नागरिक और एक इंडोनेशियाई नागरिक शामिल हैं। यह गंभीर घटना मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को हुई, जिसमें चार अन्य नाविक और बचाव दल का एक सदस्य बुरी तरह घायल हो गया। इस हमले के बाद से समुद्री यातायात सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं और अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
हमले का शिकार हुआ जहाज और खाड़ी देशों के प्रवासियों पर असर
यमन के झंडे वाला वाणिज्यिक जहाज Tihamah खाने-पीने का सामान लेकर जा रहा था, जिस पर एक के बाद एक तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। इन हमलों की वजह से जहाज में भीषण आग लग गई और उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा। जब बचाव दल क्रू मेंबर की जान बचाने के लिए आगे बढ़ा, तो हौथी बलों ने बचाव अभियान को रोकने और नुकसान को और बढ़ाने के लिए एक और मिसाइल दागी। इस प्रकार के हमलों से खाड़ी देशों में काम करने वाले और सफर करने वाले प्रवासियों के परिवारों में भी डर का माहौल बन जाता है, क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
आधिकारिक बयान और यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस की चेतावनी
यमन की सरकार के मंत्रालय ने इस घटना को एक बड़ा आतंकवादी कुरुत्य करार दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री नेविगेशन को भारी खतरा पैदा हो गया है। इस हमले का सबसे ज्यादा असर लाखों यमनियों के लिए खाद्य सामग्री और जरूरी सामान की सप्लाई पर पड़ रहा है। उधर, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने अल मोखा के तट के पास हुई इस घटना की पुष्टि करते हुए अन्य सभी जहाजों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
समुद्री मार्ग पर बढ़ता तनाव और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मौजूदा समय में हौथी शिपिंग हमलों के फिर से शुरू होने के बाद से किसी वाणिज्यिक जहाज पर यह पहली मौत की पुष्टि करने वाली घटना है। बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है, जहां अनिश्चितता बढ़ने के कारण जहाजों की आवाजाही में भारी कमी आई है। इस क्षेत्र में बंदरगाहों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं गहरी होती जा रही हैं। इस मामले को लेकर हौथी गुट की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।