यमन के दक्षिणी Hodeidah इलाके में हुथी विद्रोहियों ने सरकारी सेना के कैंप पर अचानक हमला बोल दिया। यह हमला इतना तेज़ था कि सरकारी फौज को संभलने का मौका नहीं मिला। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक यह पिछले कई सालों का सबसे घातक हमला था।

हमले की पूरी जानकारी

यह हमला शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 की देर रात को शुरू हुआ। हुथी लड़ाकों ने Hays जिले के Jabal Dubas इलाके में स्थित सेना के बैरकों को निशाना बनाया। हमले में स्नाइपर्स, ड्रोन और मोर्टार का इस्तेमाल किया गया। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि ज़्यादातर जवान स्नाइपर्स की गोलीबारी की वजह से मारे गए।

नुकसान और हताहतों का विवरण

इस भीषण लड़ाई में सरकारी सेना को काफी नुकसान हुआ है। सरकारी सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि:

  • 14 सरकारी जवान इस हमले में मारे गए।
  • 23 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुए।
  • हुथी लड़ाकों के भी कई लोग मारे गए और घायल हुए, लेकिन उनकी सटीक संख्या नहीं बताई गई है।

इलाके पर नियंत्रण की स्थिति

शुरुआती हमले के दौरान हुथी लड़ाकों ने सरकारी सेना की कुछ जगहों पर कब्ज़ा कर लिया था। लेकिन शनिवार, 4 जुलाई 2026 की सुबह तक सरकारी सेना ने फिर से अपनी ताकत जुटाई और उन सभी जगहों को वापस जीत लिया। इसके बाद हुथी हमलावरों को पीछे हटना पड़ा। फिलहाल लाल सागर के तट पर किसी भी जगह का नियंत्रण नहीं बदला है।

तनाव बढ़ने की वजह

साल 2022 में संयुक्त राष्ट्र (UN) के बीच हुए समझौते के बाद से लड़ाई काफी कम हो गई थी। लेकिन हाल ही में तनाव फिर से बढ़ गया है। 3 जुलाई को हुथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और ज़रूरी संपत्तियों को धमकी दी थी। हुथी का आरोप था कि सऊदी अरब एक ईरानी विमान को उतरने से रोकने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद यह हमला हुआ।