Yemen: मरिब और हद्रमौत में हूती विद्रोहियों का हमला, सरकार ने दिया सख्त कार्रवाई का आदेश

यमन में स्थिति फिर से गंभीर हो गई है, जहाँ 6 अगस्त 2026 को हूती विद्रोहियों ने मरिब और हद्रमौत प्रांतों में स्थित सरकारी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला किया। इस हमले के बाद यमनी राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद (PLC) के अध्यक्ष Dr. Rashad Al-Alimi ने सरकार और सेना को कड़ी प्रतिक्रिया देने का स्पष्ट निर्देश दिया है। राष्ट्रपति कार्यालय के एक जिम्मेदार सूत्र ने पुष्टि की है कि Supreme Commander of the Armed Forces के रूप में राष्ट्रपति खुद स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं और लगातार सेना व सुरक्षा प्रमुखों के साथ संपर्क में हैं।
हमले में सैनिकों की जान गई
हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए इन हमलों में कम से कम 30 सरकारी सैनिकों की मौत हो गई है, जबकि 50 से अधिक जवान घायल बताए जा रहे हैं। कुछ स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, हताहतों की संख्या 58 के आंकड़े को भी पार कर सकती है। अधिकारियों ने माना है कि यह 2022 के बाद से सरकारी बलों पर हुए सबसे भयानक हमलों में से एक है। हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने इस हमले को पूर्वी यमन में सऊदी अरब द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे सैन्य जमावड़े के खिलाफ एक जवाबी कार्रवाई बताया है।
प्रशासनिक बदलाव और सुरक्षा अभियान
राष्ट्रपति Dr. Rashad Al-Alimi ने मरिब के गवर्नर Sultan Al-Arada और हद्रमौत के गवर्नर Salem Al-Khanbashi के साथ उच्च स्तरीय चर्चा की है। सुरक्षा स्थिति को संभालने के लिए यमन के रक्षा मंत्रालय ने हद्रमौत और अल-महरा जैसे सरकारी नियंत्रण वाले प्रांतों में एक व्यापक सुरक्षा अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद, तोड़फोड़ और तस्करी की गतिविधियों को जड़ से खत्म करना है। यह निर्णय हाल ही में हुई ब्रिगेडियर जनरल Osama Al-Radfani की हत्या जैसी घटनाओं के बाद लिया गया है। इसके अलावा, एक आधिकारिक डिक्री के माध्यम से Major General Ahmed Saeed Mohammed bin Brik को राष्ट्रपति परिषद का सलाहकार नियुक्त किया गया है और उन्हें टीम लीडर के पद पर पदोन्नत किया गया है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस घटना पर अमेरिका ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। U.S. Mission to Yemen ने हूती हमलों की निंदा करते हुए इसे यमनी लोगों के खिलाफ आतंकवाद का एक और उदाहरण करार दिया है। अमेरिका ने मारे गए सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हमलों में शहीद हुए और घायल हुए सैनिकों व उनके परिवारों की पूरी देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बल मुस्तैद हैं और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। यमन में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए आने वाला समय सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, जिस पर सरकार की नजर बनी हुई है।