Yemen: हूती विद्रोहियों ने यमन को बनाया युद्ध का अड्डा, समुद्री रास्तों पर मंडराया बड़ा खतरा

यमन की विदेश मंत्री Dr. Afrah Al-Zouba ने 5 अगस्त 2026 को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि हूती आंदोलन यमन की जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों को निशाना बनाने के लिए कर रहा है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के दूत से बात करते हुए साफ किया कि हूती गुट जो भी कर रहा है, उसका यमन के आम लोगों की भलाई से कोई लेना-देना नहीं है। यह सब केवल ईरान के विस्तारवादी एजेंडे को आगे बढ़ाने का एक तरीका है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है।
समुद्री सुरक्षा और बढ़ता तनाव
हूती विद्रोही लगातार यमन के समुद्री इलाकों और जमीनी हिस्सों का इस्तेमाल करके क्षेत्रीय दबाव बनाना चाहते हैं। इसका सीधा असर लाल सागर और Bab al-Mandab strait जैसे अहम समुद्री रास्तों पर पड़ रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बहुत जरूरी हैं। इन गतिविधियों से समुद्री सुरक्षा खतरे में पड़ गई है और यमन को एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की ओर धकेला जा रहा है।
हालिया सैन्य टकराव और हूती हमले
यह स्थिति 2022 के बाद से यमन में सबसे भीषण सैन्य तनाव के रूप में सामने आई है। 7 अगस्त को हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने स्वीकार किया कि उनके लड़ाकों ने मारिब के पास सऊदी समर्थित सेना पर हमले किए हैं। इसके अलावा, अदन की खाड़ी में एक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा भी किया गया। इसी दिन यमन के स्वास्थ्य मंत्री Qasim Buhaibeh ने जानकारी दी कि मारिब के रिहायशी इलाकों और विस्थापितों के कैंपों पर हुई हूती गोलाबारी में 2 नागरिकों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हुए। सऊदी अरब के प्रवक्ता General Turki al-Maliki ने भी पुष्टि की कि दक्षिणी नज्रान क्षेत्र में हूती हमलों से 11 आम नागरिक घायल हुए हैं।
जवाबी कार्रवाई की तैयारी
हूती विद्रोहियों ने 6 अगस्त को मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसमें यमन सरकार के कम से कम 30 सैनिक मारे गए, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 58 तक बताई जा रही है। इस पर यमन के रक्षा मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की कि वे सही समय और सही जगह पर इसका जवाब देंगे। US Mission to Yemen ने भी हधरामौत और मारिब में हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है। यह लगातार बढ़ता हुआ तनाव यमन में रह रहे लोगों और वहां के हालातों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है, जिससे आम जनता का जीवन संकट में है।